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प्रेग्नेंसी में हाई ब्लड प्रेशर शिशु के लिए जानलेवा
ब्यूरो/अमर उजाला,लखनऊ
Updated Sun, 09 Nov 2014 04:54 PM IST
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गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप गर्भस्थ के लिए जानलेवा साबित हो सकता है। यदि इसका सही समय पर पता न चले तो महिला के गुर्दे व लिवर पर असर पड़ता है। शरीर में सूजन आ सकती है।
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इससे सिर दर्द होता है और पेशाब में एल्ब्यूमिन की मात्रा बढ़ जाती है। इसे प्री एक्लेम्पसिया स्टेज कहा जाता है। यदि इसे समय पर नियंत्रित कर लिया जाए तो बीमारी को काबू में किया जा सकता है।
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यदि चिकित्सक ने लापरवाही बरती तो मरीज को झटके आने लगते हैं और उसे दिखना भी बंद हो सकता है। इस स्थिति को एक्लेम्पिसिया कहते हैं।
इस दौरान मरीज और गर्भ में पल रहे शिशु की मौत भी हो सकती है। नेशनल एसोसिएशन ऑफ रिप्रोडक्टिव एंड चाइल्ड हेल्थ (नार्ची फेस्ट-2014) की कान्फ्रेंस में डॉ. सीमा मेहरोत्रा ने दी।
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केजीएमयू के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग (क्वीन मेरी) की डॉ. सीमा मेहरोत्रा ने बताया कि महिलाओं में उच्च रक्तचाप दो कारणों से होता है।
एक तो गर्भावस्था के दौरान हार्मोन के अनियंत्रित स्राव से या फिर हाई ब्लड प्रेशर की स्थायी समस्या से। गर्भवती महिलाओं में उच्च रक्तचाप पांच महीने के गर्भ के दौरान पता चलता है।
गर्भावस्था के दौरान महिला का बढ़ा हुआ रक्तचाप दवा खाने और प्रसव के बाद ठीक हो जाता है। क्वीन मेरी अस्पताल की ओपीडी में आने वाली 100 में से 15 महिलाएं उच्च रक्तचाप से पीड़ित होती हैं।