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Lucknow News: चारबाग रेलवे स्टेशन पर पकड़ी गई 21.77 करोड़ की हेरोइन
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लखनऊ। राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) की टीम ने मंगलवार सुबह चारबाग रेलवे स्टेशन पर 3.110 किग्रा हेरोइन जब्त की। इसकी बाजार में कीमत 21.77 करोड़ रुपये है। सटीक मुखबिरी पर चारबाग रेलवे स्टेशन पर पकड़ी गई यह हेरोइन की सबसे बड़ी खेप है।
डीआरआई अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें खुफिया सूचना मिली थी कि न्यू जलपाईगुड़ी से दिल्ली यात्रा कर रही दो महिलाओं के पास मादक पदार्थ है। इस पर ट्रेन आने पर दोनों महिला यात्रियों की गुप्त रूप से पहचान की गई। दोनों के सामान की तलाशी में अंदर छिपाकर रखे कई पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में सफेद पाउडरनुमा पदार्थ था। फील्ड टेस्टिंग किट से जांच में पाउडर के हेरोइन होने की पुष्टि हुई। दोनों महिलाओं को एनडीपीएस के तहत गिरफ्तार किया गया है।
46% नशेड़ी हेरोइन का करते हैं सेवन
डीआरआई अफसरों के अनुसार, हेरोइन एक अत्यंत नशीला एवं खतरनाक मादक पदार्थ है। आंकड़ों के मुताबिक, देश में इनजेक्ट करने वाले नशेड़ियों में लगभग 46% हेरोइन का सेवन करते हैं। इसकी तस्करी ज्यादातर नेपाल, भूटान और अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमा मार्गों से होती है। कानपुर, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज, बाराबंकी, आजमगढ़, नोएडा, वाराणसी जैसे शहर इसके प्रमुख बाजार बन चुके हैं।
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एक साल में 97 किग्रा हेरोइन सीज
उत्तर प्रदेश में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की स्थापना के बाद से, 2022-2025 की अवधि में कुल 34,478 किग्रा नशीले पदार्थ जब्त किए गए। इनमें हेरोइन, अफीम, कोका प्रमुख हैं। पिछले वर्ष राज्य में लगभग 97.16 किग्रा हेरोइन बरामद हुई। इसका मुख्य केंद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिले गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, महाराजगंज और कुछ बड़े शहर थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में छह किलो सोने के एवज में एक किलो हेरोइन मिलती है। इतनी कीमत का प्रमुख कारण शुद्धता, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति-शृंखला, जोखिम और काले बाजार की मांग में उतार-चढ़ाव है। उच्च मूल्य का एक बड़ा हिस्सा तस्करी व जोखिम प्रीमियम से तय होता है।
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डीआरआई अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें खुफिया सूचना मिली थी कि न्यू जलपाईगुड़ी से दिल्ली यात्रा कर रही दो महिलाओं के पास मादक पदार्थ है। इस पर ट्रेन आने पर दोनों महिला यात्रियों की गुप्त रूप से पहचान की गई। दोनों के सामान की तलाशी में अंदर छिपाकर रखे कई पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में सफेद पाउडरनुमा पदार्थ था। फील्ड टेस्टिंग किट से जांच में पाउडर के हेरोइन होने की पुष्टि हुई। दोनों महिलाओं को एनडीपीएस के तहत गिरफ्तार किया गया है।
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46% नशेड़ी हेरोइन का करते हैं सेवन
डीआरआई अफसरों के अनुसार, हेरोइन एक अत्यंत नशीला एवं खतरनाक मादक पदार्थ है। आंकड़ों के मुताबिक, देश में इनजेक्ट करने वाले नशेड़ियों में लगभग 46% हेरोइन का सेवन करते हैं। इसकी तस्करी ज्यादातर नेपाल, भूटान और अन्य अंतरराष्ट्रीय सीमा मार्गों से होती है। कानपुर, आगरा, लखनऊ, प्रयागराज, बाराबंकी, आजमगढ़, नोएडा, वाराणसी जैसे शहर इसके प्रमुख बाजार बन चुके हैं।
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एक साल में 97 किग्रा हेरोइन सीज
उत्तर प्रदेश में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स की स्थापना के बाद से, 2022-2025 की अवधि में कुल 34,478 किग्रा नशीले पदार्थ जब्त किए गए। इनमें हेरोइन, अफीम, कोका प्रमुख हैं। पिछले वर्ष राज्य में लगभग 97.16 किग्रा हेरोइन बरामद हुई। इसका मुख्य केंद्र पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिले गाजीपुर, चंदौली, सोनभद्र, महाराजगंज और कुछ बड़े शहर थे। अंतरराष्ट्रीय बाजार में छह किलो सोने के एवज में एक किलो हेरोइन मिलती है। इतनी कीमत का प्रमुख कारण शुद्धता, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति-शृंखला, जोखिम और काले बाजार की मांग में उतार-चढ़ाव है। उच्च मूल्य का एक बड़ा हिस्सा तस्करी व जोखिम प्रीमियम से तय होता है।