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Lucknow News: यहां तो इलाज से पहले मरीज का निकल जाएगा दम

Thu, 21 Aug 2025 02:28 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Thu, 21 Aug 2025 02:28 AM IST
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Here the patient will die before treatment
अस्पताल के बाहर लगा जाम और फंसे लोग।
लखनऊ। गरीबों के लिए एम्स जैसी पहचान रखने वाले बलरामपुर जिला अस्पताल और वीरांगना अवंती बाई महिला अस्पताल में इलाज तो मिल जाता है, लेकिन यहां तक पहुंचना ही मरीजों के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं। हालात ऐसे हैं कि इमरजेंसी मरीज भी जाम में फंसकर दम तोड़ने की कगार पर पहुंच जाते हैं।
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कहने को दोनों अस्पतालों में सात-सात गेट हैं, लेकिन मरीजों के लिए खुलते हैं केवल एक-एक गेट। उस पर से मुख्य रास्तों पर दुकानदारों का कब्जा और गेट पर ई-रिक्शा चालकों का जमावड़ा। नतीजा ये कि एंबुलेंस भी फंस जाती है और पुलिस तक को कई बार रास्ता बदलना पड़ता है। बुधवार दोपहर अमर उजाला की लाइव पड़ताल ने इन हालात की असल तस्वीर सामने रखी।
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वीरांगना अवंती बाई महिला अस्पताल

समय: दोपहर 12:35 बजे
इमरजेंसी गेट के बाहर एंबुलेंस मरीज को लेकर फंसी रही। आधी सड़क पर दुकानों व पार्किंग का कब्जा और आधी सड़क पर दोनों तरफ से आती गाड़ियां। हालात इतने बदतर कि लोग पैदल निकलने तक से मजबूर थे। यहां रोत डिलीवरी से जुड़े गंभीर केस आते हैं, मगर अस्पताल परिसर में पार्किंग होते हुए भी तीमारदार बाहर ही वाहन खड़े करने को मजबूर हैं। नतीजा- जाम और जद्दोजहद।
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बलरामपुर जिला अस्पताल

समय: दोपहर 12:40 बजे
यहां इमरजेंसी और ओपीडी के गेट पर ही ई-रिक्शा चालकों ने अवैध स्टैंड जमा रखा है। हर वक्त जाम की स्थिति बनी रहती है। गेट से लेकर सामने वाले रास्ते तक दुकानदारों का कब्जा है। पहले इस अस्पताल का मुख्य द्वार कोर्ट परिसर की ओर खुलता था, मगर अब सालों से बंद है। अब सिर्फ एक गेट पर ही हजारों मरीज और तीमारदार अटके रहते हैं।
केस-1 : एंबुलेंस फंसी तो तीमारदार ने जोड़े हाथ
समय: दोपहर 12:45 बजे
राजेंद्रनगर निवासी सुनीता देवी को एंबुलेंस यूपी 32 जीएन 8078 से वीरांगना अस्पताल लाया जा रहा था। जाम इतना भयानक था कि तीमारदारों को हाथ जोड़कर लोगों से रास्ता देने की गुहार लगानी पड़ी।

केस-2 : एंबुलेंस में लेटा मरीज खुद लगाता रहा पुकार
समय: दोपहर 12:50 बजे
काकोरी निवासी सनी सड़क हादसे में घायल थे। एंबुलेंस यूपी 32 केएन 0642 से बलरामपुर अस्पताल लाया जा रहा था। जाम में फंसने पर खिड़की से खुद ही लोगों को आवाज देकर रास्ता बनवाना पड़ा।


तुरंत उठाए जाने वाले कदम
अस्पताल गेट से लगी सड़कें पूरी तरह खाली कराई जाए

वीरांगना अस्पताल के भीतर पार्किंग की व्यवस्था लागू हो
आधी सड़क पर बने अवैध स्टैंड हटाए जाएं
ई-रिक्शा चालकों के जमावड़े पर रोक लगे
इमरजेंसी केस में सभी गेट से एंबुलेंस को प्रवेश मिले
अस्पताल गेट पर खड़े निजी वाहनों पर सख्त कार्रवाई हो
दोनों अस्पतालों के मुख्य मार्ग पर अतिरिक्त पुलिसकर्मी तैनात हों

अस्पताल के बाहर लगा जाम और फंसे लोग।

अस्पताल के बाहर लगा जाम और फंसे लोग।

अस्पताल के बाहर लगा जाम और फंसे लोग।

अस्पताल के बाहर लगा जाम और फंसे लोग।

अस्पताल के बाहर लगा जाम और फंसे लोग।

अस्पताल के बाहर लगा जाम और फंसे लोग।

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