विवादित ढांचा विध्वंस: अभेद्य सुरक्षा में कैद हुई अयोध्या, मस्जिद के पक्षकार इकबाल को फिर मिली धमकी
जुड़वा नगरी के साथ-साथ देहात क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। बरसी को लेकर कई हिंदू संगठनों द्वारा किए गए आयोजनों के एलान को लेकर प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। रामजन्मभूमि की ओर जाने वाले मार्गों पर बैरियर कर पहरेदारी सख्त कर दी गई है। पुलिस महकमे ने राउंड द क्लॉक जांच व तलाशी का अभियान शुरू कर दिया है। रामनगरी समेत पूरे जिले में बुधवार को सघन तलाशी एवं चेकिंग अभियान चलाया गया।
दर्शन करने पर कोई रोक नहीं, शांति व्यवस्था बनाए रखना लक्ष्य
सार्वजनिक स्थलों पर जांच व तलाशी का काम जारी है। सुरक्षा के मद्देनजर भारी तादात में पुलिस फोर्स की तैनाती की गई है। बम खोजी व निरोधी दस्ते व खुफिया महकमे के कर्मियों के साथ शहर में होटल, धर्मशाला, लाज व रेस्टोरेंट तथा सार्वजनिक स्थलों की जांच व तलाशी का अभियान जारी है। एसएसपी योगेंद्र कुमार के निर्देशन में बुधवार दोपहर नयाघाट क्षेत्र में पुलिस टीम ने सघन चेकिंग एवं तलाशी अभियान चलाया।
नयाघाट बंधा तिराहा पर एसपीसिटी अनिल सिंह सिसौदिया, सीओ अयोध्या राजकुमार साव, कोतवाली प्रभारी जगदीश उपाध्याय ने तलाशी अभियान चलाकर वाहनों, श्रद्धालुओं के सामानों की जांच की गई। शाम को तुलसी स्मारक भवन में आला अधिकारियों ने बैठक कर सुरक्षा की व्यूह रचना तैयार की।
एसपी सिटी अनिल सिंह ने बताया कि बरसी के मद्देनजर रामनगरी की सुरक्षा को अभेद्य कर दिया गया है। डीजी मुख्यालय से काफी पुलिस बल मिला है। अयोध्या में दर्शन-पूजन से कोई रोक नही हैं, लेकिन शांति व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। परंपरागत कार्यक्रमों के अतिरिक्त नए कार्यक्रम की अनुमति नहीं है।
जिले में पहले से ही धारा 144 लागू है। जोन व सेक्टर में बांटकर सुरक्षा की कमान मजिस्ट्रेटों के हवाले कर दी गई है। राउंड द क्लॉक चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सुरक्षा के लिहाज से छह कंपनी पीएसी, दो कंपनी आरएफ, चार एडिशनल एसपी, 10 डिप्टी एसपी, 10 इंस्पेक्टर, 150 सब इंस्पेक्टर , 500 सिपाही सहित डाग स्कवॉयड, बम स्कवॉयड व खुफिया विभाग की टीमें लगाई गई हैं।
बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी को जान से मारने की धमकी
पत्र में लिखा गया है कि अयोध्या में भगवान राम का ही मंदिर बनेगा। मुसलमानों को उस जगह से अपना दावा छोड़ देना चाहिए। इकबाल ने अपना दावा नहीं छोड़ा तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।
यही नहीं जफरयार जिलानी का भी जिक्र पत्र में करते हुए उन्हें भी धमकी दी गई है। पत्र में न सिर्फ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया है बल्कि कई आपत्तिजनक बातें भी लिखी हैं। कुछ दिन पूर्व भी इकबाल अंसारी को एक धमकी भरा पत्र मिला था जिस पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पत्र देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया था।
इकबाल अंसारी ने बताया कि मंगलवार देर शाम उन्हें यह पत्र मिला है। इसकी जानकारी उन्होंने पुलिस एवं खुफिया विभाग के अधिकारियों को दे दी है। अंसारी ने कहा कि पहले भी ऐसी धमकियां मिल चुकी हैं। मुझे कानून पर भरोसा है। रामजन्मभूमि थानाध्यक्ष प्रद्युम्न सिंह ने बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। लगता है किसी ने शरारत की है। जल्द ही इसका भी खुलासा कर दिया जाएगा।