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Lucknow News: गर्मी ने बढ़ाई उद्यमियों, कारोबारियों की मुसीबत
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गर्मी से सड़कों पर सन्नाटा छा गया है, जिससे बाजार से ग्राहक गायब होने लगे हैं।
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लखनऊ। भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों ने उद्योग-धंधों से लेकर रिटेल बाजार तक का गणित बिगाड़ दिया है। फैक्टरियों में श्रमिकों की कमी से उत्पादन गिर गया है। वहीं, सहालग होने के बावजूद बाजारों से दोपहर की रौनक गायब है। गर्मी का सबसे बुरा असर रेहड़ी-पटरी और स्वरोजगार से जुड़े लोगों पर पड़ा है। दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम होने से इनकी दैनिक कमाई में 20 से 30 प्रतिशत की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
एमएसएमई में उत्पादन 30% तक गिरा
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआइए) के अध्यक्ष विकास खन्ना के मुताबिक, किसी भी संकट की सबसे पहली और गहरी मार एमएसएमई सेक्टर पर ही पड़ती है। वर्तमान में भीषण गर्मी के कारण करीब 25 प्रतिशत श्रमिक काम पर नहीं आ रहे हैं। इससे फैक्टरियों का उत्पादन 20 से 30 फीसदी तक घट गया है। गैस की किल्लत से उद्यमी पहले से ही परेशानी में हैं और गर्मी में श्रमिकों की कमी और बिजली कटौती से मुसीबत खड़ी कर दी है।
सहालग के बावजूद बाजारों में दम नहीं
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र का कहना है कि अमूमन अप्रैल की सहालग में बाजार गुलजार रहते हैं, लेकिन इस बार गर्मी ने खेल बिगाड़ दिया है। दोपहर में हर तरफ सन्नाटा रहता है। हालांकि, महंगाई भी एक बड़ी वजह है। पिछले डेढ़ महीने में कपड़ा, मेटल, ज्वैलरी और निर्माण क्षेत्र में 15 से 30 प्रतिशत तक की तेजी आई है, जिससे ग्राहकों की क्रय शक्ति प्रभावित हुई है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स को छोड़ सब सुस्त
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता बताते हैं कि चिलचिलाती धूप में सिर्फ एसी, कूलर, फ्रिज, पंखे की खरीद बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में ही ग्राहक नजर आ रहे हैं। कपड़ा और सराफा बाजारों में शाम को कुछ चहल-पहल जरूर होती है, लेकिन व्यापार में कोई बड़ा बूम नहीं दिख रहा है।
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एमएसएमई में उत्पादन 30% तक गिरा
इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआइए) के अध्यक्ष विकास खन्ना के मुताबिक, किसी भी संकट की सबसे पहली और गहरी मार एमएसएमई सेक्टर पर ही पड़ती है। वर्तमान में भीषण गर्मी के कारण करीब 25 प्रतिशत श्रमिक काम पर नहीं आ रहे हैं। इससे फैक्टरियों का उत्पादन 20 से 30 फीसदी तक घट गया है। गैस की किल्लत से उद्यमी पहले से ही परेशानी में हैं और गर्मी में श्रमिकों की कमी और बिजली कटौती से मुसीबत खड़ी कर दी है।
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सहालग के बावजूद बाजारों में दम नहीं
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र का कहना है कि अमूमन अप्रैल की सहालग में बाजार गुलजार रहते हैं, लेकिन इस बार गर्मी ने खेल बिगाड़ दिया है। दोपहर में हर तरफ सन्नाटा रहता है। हालांकि, महंगाई भी एक बड़ी वजह है। पिछले डेढ़ महीने में कपड़ा, मेटल, ज्वैलरी और निर्माण क्षेत्र में 15 से 30 प्रतिशत तक की तेजी आई है, जिससे ग्राहकों की क्रय शक्ति प्रभावित हुई है।
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इलेक्ट्रॉनिक्स को छोड़ सब सुस्त
उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता बताते हैं कि चिलचिलाती धूप में सिर्फ एसी, कूलर, फ्रिज, पंखे की खरीद बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में ही ग्राहक नजर आ रहे हैं। कपड़ा और सराफा बाजारों में शाम को कुछ चहल-पहल जरूर होती है, लेकिन व्यापार में कोई बड़ा बूम नहीं दिख रहा है।

गर्मी से सड़कों पर सन्नाटा छा गया है, जिससे बाजार से ग्राहक गायब होने लगे हैं।