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सीने में दर्द को एसिडिटी न समझें, हो सकता है हार्टअटैक

Tue, 29 Sep 2015 12:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Tue, 29 Sep 2015 12:46 PM IST
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heart attack symptoms and prevention

अगर आपने सीने में दर्द हो रहा है तो इसकी वजह सिर्फ एसिडिटी ही न समझिए। यह हृदय रोग का लक्षण भी हो सकता है। कहीं, ऐसा न हो कि आप देर कर दें तो बीमारी और बढ़ जाए। राजधानी के चिकित्सक कहते हैं कि आज भी लोग ऐसा ही मानते हैं और डॉक्टर के पास नहीं जाते।

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वे चेताते हैं कि दर्द अगर जबड़े से नाभि तक (हाथों सहित) शरीर के किसी भी हिस्से में 15 मिनट से अधिक समय तक बना रहे तो यह हल्के हार्ट अटैक या हृदय रोग का लक्षण हो सकता है।
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एसजीपीजीआई के कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. सुदीप कुमार आगाह करते हैं कि खुद इस निर्णय में न उलझें कि दर्द हार्ट अटैक का है या एसिडिटी का। इसे फिजिशियन को ही तय करने दें।
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डॉ. सुदीप ने बताया कि हार्ट अटैक के ऐसे कई मामले सामने आए जब मरीज को लाने में देरी की गई। इसके चलते उसके हृदय को नुकसान बढ़ चुका था।

डॉ. सुदीप के अनुसार ऐसा दर्द लोकलाइज नहीं होता। यानी, उसे पहचाना नहीं जा सकता कि शरीर के किस निश्चित बिंदु पर दर्द हो रहा है। यह गैस या एसिडिटी में होने वाले दर्द से मिलता-जुलता है, इसलिए भ्रम की स्थिति बन सकती है। भ्रमित होने से बेहतर है कि सीधे चिकित्सक के पास पहुंचा जाए।

इन बातों पर करें गौर

heart attack symptoms and prevention

हार्ट अटैक आए तो देर न करें। डॉक्टर के पास जितनी जल्दी पहुंचेंगे, उतना ही फायदा।

6 घंटे गोल्डन पीरियड यानी हार्टअटैक के 6 घंटे के भीतर इलाज मिले तो अधिकतम फायदा।

12 घंटे के भीतर मरीज को थक्का गलाने की दवाएं देकर बचाया जा सकता है।

24 घंटे में अगर एंजियोप्लास्टी मिले तो हृदय की धमनियों को बचा सकते हैं नुकसान से। मगर, इससे अधिक समय बीत जाए तो नुकसान की भरपाई संभव नहीं। (जैसा कि डॉ. सुदीप कुमार ने बताया)

लखनऊ के दिल के बिगड़े हालात
- 8 से 10 फीसदी लोगों के जद में होने का अनुमान
- 600 लोग हर रोज पहुंच रहे अस्पताल, इसमें से एक तिहाई लखनऊ के।
- 30 प्रतिशत हृदय रोगी 40 से कम उम्र के
- 15 प्रतिशत की उम्र 30 वर्ष से कम
- 1.50 लाख मरीज सालाना लारी कार्डियोलॉजी में ले रहे इलाज
- 90 हजार नए रोगी आ रहे हर साल
- 2.5 हजार एंजियोग्राफी हो रही हैं शहर में
- 600 एंजियोप्लास्टी भी हर साल
- 110 कार्डियोलॉजिस्ट लखनऊ का दिल संभाल रहे
- 345 है प्रदेश भर में हृदय रोग विशेषज्ञों की संख्या
(स्रोत : राजधानी के विभिन्न चिकित्सालय व यूपी चैप्टर ऑफ कार्डियोलॉजिकल सोसाइटी)

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