यूपी: अतुल राय की जमानत अर्जी पर पूरी नहीं हो सकी सुनवाई, कोर्ट ने 9 मई की तारीख दी
दुष्कर्म पीड़िता को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बसपा सांसद की अर्जी पर अब 9 मई को सुनवाई होगी।
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सुप्रीम कोर्ट के बाहर दुष्कर्म पीड़िता व उसके साथी द्वारा आत्महत्या किए जाने के मामले में बचाव पक्ष के समय देने की मांग के चलते घोसी से बसपा सांसद अतुल राय की जमानत अर्जी पर बृहस्पतिवार को सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने अर्जी पर सुनवाई के लिए 9 मई की तारीख तय की है। इसके पहले सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए पुलिस की रिपोर्ट आ गई है। वहीं बचाव पक्ष के वकील ने सुनवाई के लिए समय की मांग की, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अगली तारीख लगाई।
गौरतलब है कि बसपा सांसद अतुल राय पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली पीड़िता और उसके साथी ने 16 अगस्त 2021 को सुप्रीम कोर्ट के बाहर आत्महत्या का प्रयास किया था। इसमें दोनों बुरी तरह झुलस गए थे। बाद में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद 27 अगस्त 2021 को हजरतगंज थाने में एसएसआई दयाशंकर द्विवेदी ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
इसमें बताया गया कि एसआईटी जांच में पता चला कि पीड़िता ने आरोप लगाया है कि दुष्कर्म के आरोपी अतुल राय को बचाने के लिए अमिताभ ठाकुर ने पैसे लेकर आपराधिक षड्यंत्र रचा था। साथ ही गवाहों को बदनाम करने व पीड़िता पर दबाव बनाने के लिए अपराधियों से जोड़कर छवि खराब करने के लिए ऑडियो वायरल किया था। इतना ही नहीं अमिताभ ठाकुर ने आरोपी सांसद को अनुचित लाभ दिलाने के लिए पीड़िता व उसके गवाहों के खिलाफ सात आपराधिक मामले दर्ज कराए थे।
अमिताभ ठाकुर को जब्त मोबाइल लौटाने का आदेश
सुप्रीम कोर्ट के बाहर दुष्कर्म पीड़िता व उसके साथी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी अमिताभ ठाकुर की गिरफ्तारी के समय जब्त किए गए मोबाइल फोन लौटाने का आदेश एमपी-एमएलए कोर्ट के विशेष न्यायाधीश हरबंस नारायण ने दिया है। साथ ही कहा, मांगे जाने पर आरोपी मोबाइल फोन कोर्ट में पेश करेंगे। कोर्ट ने इंस्पेक्टर हजरतगंज को अमिताभ की पहचान कर मोबाइल फोन देने के आदेश दिए हैं। इससे पूर्व आरोपी की ओर अर्जी देकर कोर्ट को बताया गया है कि 27 अगस्त 2021 को मामले में गिरफ्तार किया गया था, उस वक्त पुलिस ने उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। यह फोन नहीं दिए जाने से आरोपी व उसके परिवार को परेशानी हो रही है। अभियोजन ने भी मोबाइल फोन सुपुर्द करने पर आपत्ति नहीं जताई है।