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Lucknow News: 5जी, 6जी और क्लाउड तकनीक से बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं
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5जी, 6जी और क्लाउड तकनीक से बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं।
लखनऊ। 5जी, 6जी और क्लाउड तकनीक के जरिये स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक तेज, सुलभ और प्रभावी बनाया जा सकेगा। इससे मरीजों को दूर बैठे विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लेने और उनकी सेहत की निगरानी करने में मदद मिलेगी। ये बातें आरईसी प्रतापगढ़ के निदेशक प्रो. योगेंद्र नारायण सिंह ने शुक्रवार को रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंजीनियर्स भवन में आयोजित सेमिनार में कहीं।
द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के राज्य केंद्र की ओर से हेल्थकेयर में 5जी, 6जी और क्लाउड तकनीक की भूमिका पर आयोजित सेमिनार में उन्होंने स्मार्ट कंप्यूटिंग से स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव की संभावनाएं बताईं। कहा कि आधुनिक संचार तकनीकों से टेलीमेडिसिन, दूरस्थ स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के आंकड़ों का तेजी से आदान-प्रदान संभव होगा।
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. सूर्य भूषण दुबे ने 6जी तकनीक से जुड़े प्रत्यारोपित चिकित्सा उपकरणों के लिए ऊर्जा जुटाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। बीबीडीआईटीएम की डॉ. रूपाली अग्रवाल ने कहा कि उन्नत वायरलेस तकनीक बेहतर कनेक्टिविटी, तेज डेटा संचार और स्मार्ट स्वास्थ्य प्रणालियों के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
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आईईटी लखनऊ की सहायक प्रोफेसर डॉ. शाहनीला जमाल किदवई ने सेंसर, वीएलएसआई और क्लाउड तकनीक के समन्वय पर विचार रखे। इं. कीर्ति प्रकाश ने स्मार्ट स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में आईईआई राज्य केंद्र के अध्यक्ष इं. वीपी सिंह, संयोजक प्रो. नीलम श्रीवास्तव और मानद सचिव इं. एनके निषाद मौजूद रहे।
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द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया) के राज्य केंद्र की ओर से हेल्थकेयर में 5जी, 6जी और क्लाउड तकनीक की भूमिका पर आयोजित सेमिनार में उन्होंने स्मार्ट कंप्यूटिंग से स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव की संभावनाएं बताईं। कहा कि आधुनिक संचार तकनीकों से टेलीमेडिसिन, दूरस्थ स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों के आंकड़ों का तेजी से आदान-प्रदान संभव होगा।
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ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफेसर डॉ. सूर्य भूषण दुबे ने 6जी तकनीक से जुड़े प्रत्यारोपित चिकित्सा उपकरणों के लिए ऊर्जा जुटाने की संभावनाओं पर प्रकाश डाला। बीबीडीआईटीएम की डॉ. रूपाली अग्रवाल ने कहा कि उन्नत वायरलेस तकनीक बेहतर कनेक्टिविटी, तेज डेटा संचार और स्मार्ट स्वास्थ्य प्रणालियों के विकास में अहम भूमिका निभाएगी।
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आईईटी लखनऊ की सहायक प्रोफेसर डॉ. शाहनीला जमाल किदवई ने सेंसर, वीएलएसआई और क्लाउड तकनीक के समन्वय पर विचार रखे। इं. कीर्ति प्रकाश ने स्मार्ट स्वास्थ्य सेवाओं के उपयोग और भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की। कार्यक्रम में आईईआई राज्य केंद्र के अध्यक्ष इं. वीपी सिंह, संयोजक प्रो. नीलम श्रीवास्तव और मानद सचिव इं. एनके निषाद मौजूद रहे।

5जी, 6जी और क्लाउड तकनीक से बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं।

5जी, 6जी और क्लाउड तकनीक से बेहतर होंगी स्वास्थ्य सेवाएं।