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सावधानः लापरवाही न बन जाए बच्चे के लिए जानलेवा
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 19 Dec 2014 10:54 AM IST
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नवजात बच्चों में भी लिवर फेल्योर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। सही समय पर सही इलाज मिले तो इस तरह के मामलों को कम किया जा सकता है।
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जन्म के बाद बच्चे को पीलिया की शिकायत हो तो डॉक्टरी सलाह जरूरी है। पंद्रह दिन से अधिक समय तक पीलिया ठीक नहीं होता है तो जरूरी जांच के बाद इलाज कराना चाहिए क्योंकि जरा सी लापरवाही बच्चे का लिवर डैमेज कर सकती है।
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भारत में प्रति दस हजार में एक बच्चे को लिवर फेल्योर की शिकायत है। ये जानकारी बृहस्पतिवार को रिवर बैंक कॉलोनी स्थित इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भवन में आयोजित कार्यक्रम में दिल्ली के अपोलो अस्पताल के पीडियाट्रिक गैस्ट्रोएंट्रोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अनुपम सिब्बल ने दी।
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कई बार देखा जाता है कि बच्चे लिवर और आंत की नली आपस में नहीं जुड़ी होती है जिसकी वजह से पीलिया होता है। बच्चों के जन्म के बाद हुआ पीलिया पंद्रह दिन के भीतर ठीक नहीं हुआ तो जांच करा लेनी चाहिए।
आईएमए की कार्यशाला में डॉक्टर ने दी जानकारी
रोबोटिक सर्जरी का मुकाबला नहीं इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के यूरोलॉजिस्ट डॉ. अंशुमान अग्रवाल ने बताया कि सर्जरी की दुनिया में रोबोटिक सर्जरी सबसे लेटेस्ट है।