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एपिडेमिक एक्ट में हर संदिग्ध की जांच करने का अधिकार, विरोध पर गिरफ्तारी व लग सकता है जुर्माना
Sat, 14 Mar 2020 12:06 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sat, 14 Mar 2020 12:06 PM IST
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मुख्यमंत्री ने एपिडेमिक एक्ट के तहत स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त शक्तियां देकर प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। इस एक्ट के तहत स्वास्थ्य विभाग को किसी भी व्यक्ति की जांच कराने और उसे अस्पताल में भर्ती कराने का अधिकार है। विरोध करने पर व्यक्ति की गिरफ्तारी और एक हजार रुपये के जुर्माना करने का प्रावधान है।
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एपिडेमिक डिजीज एक्ट 1897 में किसी महामारी को दूर करने या कंट्रोल करने के लिए शक्तियां दी गई हैं। यदि लगता है कि राज्य में खतरनाक महामारी फैल रही है या फिर फैलने की आशंका है और मौजूदा कानून महामारी को रोकने में नाकाफी हैं तो इस एक्ट के तहत कार्रवाई की जाती है।
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इसमें सार्वजनिक सूचना के जरिए रोग के बारे में जानकारी दी जाती है। यदि एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, बंदरगाह से आने वाले यात्रियों में बीमारी के संक्रमण की आशंका होती है तो उसे किसी अस्पताल या अस्थाई आवास में रखने का अधिकार होता है।
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यही नहीं महामारी के संबंध में सरकारी आदेश न मानने को अपराध के अंतर्गत रखा जाता है। इसमें व्यक्ति को भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 188 के तहत गिरफ्तारी की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि केंद्र सरकार ने राज्य को एपिडेमिक एक्ट के तहत कार्य करने की सलाह देने के संबंध में एक बैठक भी की है।