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Lucknow News: ब्रेन हेमरेज के बाद मुख्य आरक्षी का निधन, परिवार ने किया अंगदान
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लखनऊ। डीसीपी ट्रैफिक कार्यालय में कार्यरत मुख्य आरक्षी मनिंदर सिंह (37) का सोमवार देर रात निधन हो गया। उन्हें ब्रेन हेमरेज के बाद ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया था। उनके परिवार ने मानवीयता का परिचय देते हुए केजीएमयू में लिवर और कार्निया का अंगदान किया है।
पुलिस के अनुसार, मनिंदर मूल रूप से लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी स्थित कैमूर गांव के निवासी थे। वह लखनऊ के सदर कैंट स्थित पुलिस लाइन में रहते थे। भाई त्रिलोक सिंह ने बताया कि 23 मई को ड्यूटी के बाद खाना खाते समय अचानक मनिंदर की तबीयत खराब हो गई। उन्हें विभूति खंड के निजी अस्पताल ले जाया गया। जांच में ब्रेन हेमरेज का पता चला। हालत बिगड़ने पर बुधवार को उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
ब्रेन डेड घोषित होने पर केजीएमयू की टीम ने परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद त्रिलोक सिंह, बहनोई अजय और मां जगत इसके लिए राजी हो गए। सोमवार को मनिंदर सिंह के लिवर व कार्निया का अंगदान हुआ। इससे दो जरूरतमंदों को नया जीवन मिला है। केजीएमयू के डॉक्टरों ने कहा कि मनिंदर सिंह के परिवार की यह पहल दूसरों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करेगी।
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मनिंदर सिंह की छह साल पहले सीतापुर की अनुपम विमल से शादी हुई थी। आपसी मनमुटाव के कारण वह मायके में ही रहती है। पुलिस ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन वह पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंची। मनिंदर सिंह के पिता महेंद्र सिंह पुलिस अधीक्षक के स्टेनो थे, जिनका निधन काफी समय पहले हो चुका है।
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पुलिस के अनुसार, मनिंदर मूल रूप से लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी स्थित कैमूर गांव के निवासी थे। वह लखनऊ के सदर कैंट स्थित पुलिस लाइन में रहते थे। भाई त्रिलोक सिंह ने बताया कि 23 मई को ड्यूटी के बाद खाना खाते समय अचानक मनिंदर की तबीयत खराब हो गई। उन्हें विभूति खंड के निजी अस्पताल ले जाया गया। जांच में ब्रेन हेमरेज का पता चला। हालत बिगड़ने पर बुधवार को उन्हें ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया।
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ब्रेन डेड घोषित होने पर केजीएमयू की टीम ने परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित किया। इसके बाद त्रिलोक सिंह, बहनोई अजय और मां जगत इसके लिए राजी हो गए। सोमवार को मनिंदर सिंह के लिवर व कार्निया का अंगदान हुआ। इससे दो जरूरतमंदों को नया जीवन मिला है। केजीएमयू के डॉक्टरों ने कहा कि मनिंदर सिंह के परिवार की यह पहल दूसरों को भी अंगदान के लिए प्रेरित करेगी।
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मनिंदर सिंह की छह साल पहले सीतापुर की अनुपम विमल से शादी हुई थी। आपसी मनमुटाव के कारण वह मायके में ही रहती है। पुलिस ने उन्हें कई बार फोन किया, लेकिन वह पोस्टमार्टम हाउस नहीं पहुंची। मनिंदर सिंह के पिता महेंद्र सिंह पुलिस अधीक्षक के स्टेनो थे, जिनका निधन काफी समय पहले हो चुका है।