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Lucknow News: हस्साम ने तैयार कर रखी थी फर्जी डॉक्टरों की फौज
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हस्साम अहमद।
लखनऊ। केजीएमयू में गिरफ्तार किए गए इंटर पास फर्जी डॉक्टर हस्साम अहमद ने फर्जी डॉक्टरों की फौज तैयार कर रखी थी। आरोपी आसपास के जिलों में भी सक्रिय था। हस्साम ने व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था, जिससे वह अपने गिरोह से संपर्क करता था। छानबीन में सामने आया है कि फर्जी डॉक्टर दुबग्गा, पुराने लखनऊ और हरदोई रोड के अलावा आसपास के जिलों में अस्पताल संचालित कर रहे हैं।
आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद कई फर्जी डॉक्टर क्लीनिक बंद कर भूमिगत हो गए हैं। पुलिस को हस्साम के फोन में व्हाट्सएप ग्रुप मिला है, जिससे उसके साथियों के बारे में अहम जानकारी मिली है। पुलिस गिरोह में शामिल लोगों के बारे में पता लगा रही है। सभी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। छानबीन में पता चला है कि आरोपी और उसके साथी एमबीबीएस पास छात्राओं को निजी अस्पतालों में नौकरी लगवाने का झांसा देते थे। यही नहीं, छात्राओं से कहा जाता था कि उन्हें अच्छा वेतन दिलाया जाएगा। छात्राओं को लुभावने स्कीम दिखाकर उनसे नजदीकियां बढ़ाई जाती थीं। इसके बाद धर्मांतरण का प्रयास किया जाता था। आरोपी के निशाने पर गैर मुस्लिम छात्राएं होती थीं।
छांगुर बाबा से संपर्क की छानबीन
जेल में बंद धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज से कनेक्शन खंगालने के बाद एजेंसियों ने हस्साम के छांगुर बाबा के संबधों के बारे में भी पता लगाया है। बताया जा रहा है कि आरोपी बलरामपुर और बहराइच के रहने वाले कुछ लोगों के संपर्क में था। आरोपी की कॉल डिटेल से इसका पता चला है। हस्साम ने कई मरीजों को केजीएमयू से फर्जी डॉक्टरों के पास इलाज के लिए भी भेजा था। इनमें अधिकांश को पुराने लखनऊ और दुबग्गा स्थित निजी अस्पतालों में ले जाया गया था।
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आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद कई फर्जी डॉक्टर क्लीनिक बंद कर भूमिगत हो गए हैं। पुलिस को हस्साम के फोन में व्हाट्सएप ग्रुप मिला है, जिससे उसके साथियों के बारे में अहम जानकारी मिली है। पुलिस गिरोह में शामिल लोगों के बारे में पता लगा रही है। सभी से पूछताछ की तैयारी की जा रही है। छानबीन में पता चला है कि आरोपी और उसके साथी एमबीबीएस पास छात्राओं को निजी अस्पतालों में नौकरी लगवाने का झांसा देते थे। यही नहीं, छात्राओं से कहा जाता था कि उन्हें अच्छा वेतन दिलाया जाएगा। छात्राओं को लुभावने स्कीम दिखाकर उनसे नजदीकियां बढ़ाई जाती थीं। इसके बाद धर्मांतरण का प्रयास किया जाता था। आरोपी के निशाने पर गैर मुस्लिम छात्राएं होती थीं।
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छांगुर बाबा से संपर्क की छानबीन
जेल में बंद धर्मांतरण के प्रयास के आरोपी डॉ. रमीज से कनेक्शन खंगालने के बाद एजेंसियों ने हस्साम के छांगुर बाबा के संबधों के बारे में भी पता लगाया है। बताया जा रहा है कि आरोपी बलरामपुर और बहराइच के रहने वाले कुछ लोगों के संपर्क में था। आरोपी की कॉल डिटेल से इसका पता चला है। हस्साम ने कई मरीजों को केजीएमयू से फर्जी डॉक्टरों के पास इलाज के लिए भी भेजा था। इनमें अधिकांश को पुराने लखनऊ और दुबग्गा स्थित निजी अस्पतालों में ले जाया गया था।
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