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UP: पाकिस्तान और मालदीव के हैंडलर्स के संपर्क में था हारिस, AMU से की पढ़ाई; कई बार बांग्लादेश व सीरिया भी गया
Fri, 22 Mar 2024 09:57 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Fri, 22 Mar 2024 09:57 AM IST
सार
गुवाहाटी से गिरफ्तार आईएस का इंडिया चीफ हारिस फारूकी पाकिस्तान और मालदीव के हैंडलर्स के संपर्क में था। आईएस के इंडिया चीफ हारिस फारूकी पर एटीएस ने भी 25 हजार का इनाम घोषित किया था। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुका हारिस कई बार बांग्लादेश और सीरिया जा चुका है।
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भारत में इस्लामिक स्टेट चीफ हारिस फारूकी और उसका सहयोगी गिरफ्तार
- फोटो : amar ujala graphics
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विस्तार
गुवाहाटी से गिरफ्तार आईएस का इंडिया चीफ हारिस फारूकी पाकिस्तान और मालदीव के हैंडलर्स के संपर्क में था। सूत्रों के मुताबिक अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई कर चुका हारिस कई बार बांग्लादेश और सीरिया जा चुका है।
एटीएस ने जब आईएस के अलीगढ़ माड्यूल का खुलासा किया तो पता चला कि इसका असली मास्टरमाइंड हारिस है। इसके बाद एटीएस ने हारिस और उसके दो अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी थी। हारिस की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
सूत्रों के मुताबिक, हारिस ने अलीगढ़ के साथ महाराष्ट्र, दिल्ली और हैदराबाद में भी आईएस मॉड्यूल बनाए थे। महाराष्ट्र माड्यूल के सदस्य झारखंड निवासी शाहनवाज और प्रयागराज निवासी रिजवान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अक्टूबर, 2023 में गिरफ्तार किया था, इसके बाद हारिस बांग्लादेश भाग गया था।
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दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद एटीएस ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के आईएस माड्यूल का खुलासा करते हुए अब्दुल्लाह अर्सलान, माज बिन तारिक, वजीहुद्दीन इदरीस, अब्दुल समद, फैजान बख्तियार, राकिब इमाम अंसारी, नावेद सिद्दीकी, मोहम्मद नोमान, मोहम्मद नाजिम समेत 10 से ज्यादा संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था।
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एटीएस ने जब आईएस के अलीगढ़ माड्यूल का खुलासा किया तो पता चला कि इसका असली मास्टरमाइंड हारिस है। इसके बाद एटीएस ने हारिस और उसके दो अन्य साथियों की तलाश शुरू कर दी थी। हारिस की गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था।
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सूत्रों के मुताबिक, हारिस ने अलीगढ़ के साथ महाराष्ट्र, दिल्ली और हैदराबाद में भी आईएस मॉड्यूल बनाए थे। महाराष्ट्र माड्यूल के सदस्य झारखंड निवासी शाहनवाज और प्रयागराज निवासी रिजवान को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अक्टूबर, 2023 में गिरफ्तार किया था, इसके बाद हारिस बांग्लादेश भाग गया था।
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दोनों से पूछताछ में मिली जानकारी के बाद एटीएस ने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के आईएस माड्यूल का खुलासा करते हुए अब्दुल्लाह अर्सलान, माज बिन तारिक, वजीहुद्दीन इदरीस, अब्दुल समद, फैजान बख्तियार, राकिब इमाम अंसारी, नावेद सिद्दीकी, मोहम्मद नोमान, मोहम्मद नाजिम समेत 10 से ज्यादा संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था।
प्रारंभिक जांच में एटीएस को शाहनवाज, रिजवान और वजीहुद्दीन के मास्टरमाइंड होने की जानकारी मिली, लेकिन बाद में पता चला कि असली मास्टरमाइंड उत्तराखंड का रहने वाला हारिस फारूकी है।
जांच में सामने आया कि हारिस, शाहनवाज, वजीहुद्दीन समेत कई सदस्य पाकिस्तान में बैठे आईएस के हैंडलर फरहतुल्लाह और मालदीव की महिला हैंडलर के संपर्क में थे।
रिमांड पर लेगी एटीएस
आईएस के इंडिया चीफ हारिस फारूकी को एटीएस रिमांड पर लेगी। फिलहाल उसे असम पुलिस एनआईए के हवाले करने जा रही है, जिसके मुकदमों में वह वांछित चल रहा था। इसके बाद एटीएस भी हारिस को अपनी कस्टडी में लेने के बाद रिमांड पर लेगी और उससे अलीगढ़ माड्यूल के बारे में पूछताछ करेगी।
आईएस के इंडिया चीफ हारिस फारूकी को एटीएस रिमांड पर लेगी। फिलहाल उसे असम पुलिस एनआईए के हवाले करने जा रही है, जिसके मुकदमों में वह वांछित चल रहा था। इसके बाद एटीएस भी हारिस को अपनी कस्टडी में लेने के बाद रिमांड पर लेगी और उससे अलीगढ़ माड्यूल के बारे में पूछताछ करेगी।
विस्फोटक का किया इंतजाम
एनआईए की जांच में सामने आ चुका है कि हारिस ने ही विस्फोटक का इंतजाम करके शाहनवाज को दिया था। इसकी दूसरी खेप अलीगढ़ में वजीहुद्दीन को भेजी जानी थी, लेकिन उससे पहले शाहनवाज गिरफ्तार हो गया। इसके बाद हारिस ने विस्फोटक ठिकाने लगा दिए और बांग्लादेश भाग गया।
एनआईए की जांच में सामने आ चुका है कि हारिस ने ही विस्फोटक का इंतजाम करके शाहनवाज को दिया था। इसकी दूसरी खेप अलीगढ़ में वजीहुद्दीन को भेजी जानी थी, लेकिन उससे पहले शाहनवाज गिरफ्तार हो गया। इसके बाद हारिस ने विस्फोटक ठिकाने लगा दिए और बांग्लादेश भाग गया।
देहरादून में रहता था परिवार
हारिस का परिवार बीते 20 साल से देहरादून के डालनवाला इलाके में निवास कर रहा था। उसके पिता हकीम हैं, जिनसे कई बार देहरादून पुलिस पूछताछ कर चुकी है। हारिस बीते दस साल से देहरादून नहीं आया था। उसने बांग्लादेशी युवती से शादी कर ली थी।
हारिस का परिवार बीते 20 साल से देहरादून के डालनवाला इलाके में निवास कर रहा था। उसके पिता हकीम हैं, जिनसे कई बार देहरादून पुलिस पूछताछ कर चुकी है। हारिस बीते दस साल से देहरादून नहीं आया था। उसने बांग्लादेशी युवती से शादी कर ली थी।