'बाबा' बताएगा एसपी हरदोई की चोरी गई गाड़ी का राज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हजरतगंज इलाके से चोरी गई एसपी हरदोई की वायरलेस, नीली बत्ती व हूटर लगी गाड़ी की तलाश में जुटी पुलिस, क्राइम ब्रांच व एसटीएफ नेपाल सीमा पर छानबीन के साथ ही बिहार के सीवान के बाबा गैंग पर नजर रखे हुए है।
अनेक प्रदेशों में फैले बाबा गैंग का वीआईपी गाड़ियां उड़ाने का रिकॉर्ड है। माना जा रहा है कि मास्टरमाइंड बाबा के हत्थे चढ़ने पर एसपी की गाड़ी का राज जरूर खुल जाएगा।
नेपाल सीमा पर डेरा डाले पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम ने कई दलालों से पूछताछ की। साथ ही चोरी से बॉर्डर पार करने के रास्तों पर छानबीन की, लेकिन एसपी की गाड़ी का कोई सुराग नहीं लगा।
हालांकि बिहार भेजी गईं दो टीमों ने आला अफसरों को बाबा गैंग के बारे में जानकारी दी है। बताया जा रहा है कि मास्टरमाइंड बाबा के गुर्गों विभिन्न राज्यों से गाड़ी उड़ाकर नेपाल व बिहार में बेच देते हैं। चोरी की गाड़ियों के फर्जी दस्तावेज तैयार करके उन्हें अच्छी कीमत पर बेचा जाता है।
इस गैंग के बदमाश सुबोध को छह-सात साल पहले लखनऊ पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए घेराबंदी करके प्रतापगढ़ में गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस जमानत पर छूटे सुबोध के बारे में छानबीन कर रही है।
बड़ा खतरा बन सकता है वायरलेस
गाड़ी की तलाश में जुटे अफसरों को सबसे ज्यादा चिंता वायरलेस की है। गाड़ी के नेपाल पहुंचने पर वायरलेस सेट माओवादियों, बिहार या झारखंड में नक्सली या आतंकियों के हाथ लगने से उन्हें फ्रीक्वेंसी व अहम जानकारी मिल जाएगी, जो काफी खतरनाक साबित हो सकती है।
देरी से सूचना मिलने का मलाल
चोरी हुई गाड़ी की पड़ताल में जुटे अधिकारियों कहना है कि समय से सूचना मिलने पर सीमा पर नाकाबंदी के साथ चेकिंग कराई जाती। इससे गाड़ी के नेपाल या बिहार ले जाए जाने की संभावना खत्म हो जाती और प्रदेश में कहीं न कहीं उसका सुराग लग जाता।
इस पर एएसपी क्राइम डॉ. संजय कुमार का कहना है कि वाहन चोरी में पकड़े जा चुके पुराने अपराधियों के बारे में छानबीन के साथ जेल में बंद वाहन चोरों से भी जानकारी जुटाई जा रही है। क्राइम ब्रांच की चार टीमें लगातार तलाश में जुटी हैं। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस से भी सुराग लगाने की कोशिश जारी है।