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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Hanuman Garhi Ayodhya laid claim on the Mahavir temple of Patna: In the presence of the throne, the Panches declared Mahendra Das as the Mahant of Patna Mahavir temple

हनुमान गढ़ी अयोध्या ने पटना के महावीर मंदिर पर ठोका दावा : गद्दीनशीन की मौजूदगी में पंचों ने महेंद्र दास को घोषित किया पटना महावीर मंदिर का महंत

Wed, 18 Aug 2021 07:30 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अयोध्या Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Wed, 18 Aug 2021 07:30 PM IST
सार

गद्दीनशीन ने कहा कि महावीर मंदिर पटना हनुमान गढ़ी की संपत्ति है, सदियों से इस मंदिर पर उसका मालिकाना हक रहा है। उन्होंने पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल पर मंदिर पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए महेंद्र दास को महंती सौंप दी है।

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Hanuman Garhi Ayodhya laid claim on the Mahavir temple of Patna: In the presence of the throne, the Panches declared Mahendra Das as the Mahant of Patna Mahavir temple
महेंद्र दास को महावरी मंदिर पटना की महंती देते हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन व अन्य संत-महंत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हनुमानगढ़ी अयोध्या ने पटना के महावीर मंदिर पर अपने स्वामित्व का दावा ठोका है। बुधवार को हनुमानगढ़ी के गद्दीनशीन महंत प्रेमदास की मौजूदगी में पंचों की सहमति से महावीर महेंद्र दास को महावीर मंदिर पटना का सर्वराहकार चुनते हुए उनकी महंती की गई। गद्दीनशीन ने कहा कि महावीर मंदिर पटना हनुमान गढ़ी की संपत्ति है, सदियों से इस मंदिर पर उसका मालिकाना हक रहा है। उन्होंने पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल पर मंदिर पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाते हुए महेंद्र दास को महंती सौंप दी है।

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गद्दीनशीन महंत प्रेमदास का कहना है कि पटना महावीर मंदिर 350 वर्ष पूर्व श्रीरामानंदीय वैरागी संप्रदाय के प्रसिद्ध स्वामी बालानंद जी के द्वारा स्थापित है। सदियों से यहां हनुमानगढ़ी की परंपरा ही प्रवाहमान रही है। आरोप है कि इस मंदिर पर पूर्व आईपीएस किशोर कुणाल ने कब्जा करके रामानंदीय परंपरा को नष्ट करने का प्रयास किया है। उन्होंने किशोर कुणाल पर मंदिर की सपंत्ति से निजी संपत्ति खड़ा करने का भी आरोप लगाया। बताया कि इस मंदिर पर अपने स्वामित्व के लिए कोर्ट में वाद दायर किया जा चुका है साथ ही बिहार के सीएम सहित देश के प्रधानमंत्री को भी पत्र भेजकर अपना हक प्राप्त करने की गुहार लगाई गई है।
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महंत प्रेमदास की मौजूदगी में ही हनुमानगढ़ी के पंचों की सहमति से महेंद्र दास चेला स्वर्गीय रामगोपाल दास को पटना महावीर मंदिर का सर्वराहकार एवं फलाहारी सूर्यवंशी दास को पुजारी पद पर नियुक्ति किया गया। पंचों ने यह भी कहा कि यदि किशोर कुणाल पंचों की सहमति से मंदिर का संचालन करते हैं तो उन्हें माफ कर दिया जाएगा। इस दौरान महंत महेश दास, महंत ज्ञानदास के शिष्य महंत संजय दास, महंत बलराम दास, महंत सत्यदेव दास, संत हेमंतदास, संत मामा दास, संत अभिषेक दास सहित बड़ी संख्या में संत-महंत मौजूद रहे।
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हनुमानगढ़ी का दावा बेबुनियाद व निराधार : कुणाल
महावीर मंदिर न्यास समिति ने हनुमानगढ़ी के दावे को बेबुनियाद और निराधार बताया है। आचार्य किशोर कुणाल ने इस मामले पर कहा कि महावीर मंदिर न्यास समिति की लोकप्रियता के खुन्नस में ही यह विवाद खड़ा करने की कोशिश हनुमानगढ़ी की ओर से की गई है। उनके इस दावे में कोई दम नहीं हैं। महावीर मंदिर के स्वामित्व को लेकर पटना उच्च न्यायालय द्वारा पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है। यह हनुमानगढ़ी से स्वतंत्र एक अलग धार्मिक संस्था है, जो बिहार हिन्दू धार्मिक न्यास अधिनियम के तहत बिहार धार्मिक न्यास पार्षद के अधीन कार्यरत है। कहा कि हनुमानगढ़ी में पटना महावीर मंदिर की महंती देना भी हास्यास्पद है। किसी भी दस्तावेज में हनुमानगढ़ी की परंपरा की चर्चा ही नहीं है।

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