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हाजी महबूब डालेंगे पुनर्विचार याचिका, पहले कहा था-'कोर्ट से जो फैसला आएगा उसका सम्मान करेंगे'

Thu, 21 Nov 2019 10:06 AM IST
शाहरुख खान न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 21 Nov 2019 10:06 AM IST
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Haji Mehboob to file review petition against Supreme Court verdict
हाजी महबूब - फोटो : अमर उजाला
बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे हाजी महबूब अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से आए फैसले के विरोध में रिव्यू याचिका डालने जा रहे हैं । उन्होंने अमर उजाला को बताया कि वह मंदिर के पक्ष में आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ रिव्यू याचिका में शामिल होंगे। 
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बताते चलें कि हाजी महबूब ने पहले यह कहा था कि अयोध्या मामले में सुप्रीम कोर्ट से जो निर्णय आएगा हम सभी उसका सम्मान करेंगे और मानेंगे लेकिन अब ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल ला बोर्ड के सदस्यों के साथ हो गए हैं । हाजी महबूब ने बताया कि बोर्ड के लोगों ने साथ आने को कहा तो हम राजी हो गए हैं।
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इससे पहले 17 नवंबर को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक हुई, जिसमें फैसला लिया गया कि बोर्ड पुनर्विचार याचिका दाखिल करेगा। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद लखनऊ में हुई मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक के निर्णय से सरोकार रखने वाले अयोध्या के मुस्लिम पक्षकारों ने कहा कि हक के लिए पुनर्विचार याचिका दायर करना जरूरी है।
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सुप्रीम कोर्ट ने खुद यह माना है कि साल 1856 से लेकर 1949 तक यहां नमाज अदा की जाती रही है। साथ ही मंदिर तोड़कर मस्जिद नहीं बनाई गई थी और मूर्ति रखे जाने की घटना गलत थी।

मस्जिद को ढहाए जाने की घटना को भी गैरकानूनी माना गया है। लेकिन मस्जिद का स्थान दूसरी जगह दे दिया गया है। मस्जिद का स्थान दूसरी जगह क्यों हुआ और मस्जिद के हक फैसला क्यों नहीं दिया गया, इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर करेंगे।

यह हमारा कानूनी हक : बादशाह खान

बाबरी मस्जिद के पक्षकार रहे मुफ्ती बादशाह खान बताते हैं कि सुप्रीम कोर्ट ने अब तक दूसरे पक्ष से लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है।

कोर्ट ने माना है कि बाबरी मस्जिद थी, उसको ढहाया जाना गैर कानूनी था, वहां साल 1949 तक नमाज पढ़ी जाती थी, साथ ही किसी मंदिर तोड़कर मस्जिद का निर्माण नहीं किया गया था लेकिन फैसले में विवादित स्थान दूसरे पक्ष को देते हुए मस्जिद के लिए अलग से जगह दिए जाने की बात कही गई है।

उन्होंने बताया है कि हम जब सब जगह सही हैं तो हमें दूसरी जगह जमीन क्यों दी जाए। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट पुनर्विचार याचिका दायर होगी। यह हमारा कानूनी हक है।
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