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अस्पतालों में ओपीडी सेवा के लिए दिशा-निर्देश जारी, निर्धारित प्रोटोकॉल का करना होगा पालन
Wed, 17 Jun 2020 10:52 AM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 17 Jun 2020 10:52 AM IST
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प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद
- फोटो : amar ujala
प्रदेश के सरकारी व निजी अस्पतालों में ओपीडी सेवाएं शुरू होंगी। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने अस्पतालों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन कर सभी विभागों की ओपीडी सेवाएं शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अस्पतालों में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अस्पताल प्रशासन को विशेष ध्यान देना होगा।
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ओपीडी सेवा के लिए सभी सरकारी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों व अन्य अस्पतालों में इन्फ्रारेड थर्मामीटर से मरीज व तीमारदार की स्क्रीनिंग की जाएगी। मरीज के साथ सिर्फ एक तीमारदार ही अस्पताल आ सकेगा। दोनों को मास्क पहनना होगा। 60 वर्ष से अधिक के व्यक्ति, गर्भवती महिला व बच्चों को बिना जरूरत लाना मना होगा।
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जिन मरीजों को सर्दी-जुकाम, बुखार व सांस लेने में दिक्कत होगी, उन्हें अलग कमरे में बैठाया जाएगा। वहीं इलाज व जांच की सुविधा दी जाएगी। पंजीकरण काउंटर पर पर्चा बनाने वाले कर्मचारी को मास्क व ग्लव्स पहनना होगा। जहां ओपीडी में ज्यादा मरीज आते हैं, वहां एक से अधिक पंजीकरण काउंटर बनेंगे। मधुमेह व उच्च रक्तचाप आदि के रोगियों को सरकारी अस्पताल में एक महीने की दवा दी जाएगी, जिससे उन्हें बार-बार अस्पताल न दौड़ना पड़े।
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प्राइवेट अस्पतालों में डॉक्टर पहले से ही देंगे समय
प्राइवेट अस्पतालों के लिए अलग दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। एक या दो चिकित्सक वाले प्राइवेट अस्पतालों में सभी प्रकार की ओपीडी सेवाएं शुरू की जाएंगी। रोगियों को पहले से ही डॉक्टर समय देंगे। एक घंटे में चार से पांच मरीज ही ओपीडी में दिखा सकेंगे। निजी अस्पताल में मरीज व तीमारदार की स्क्रीनिंग के लिए अलग टीम गठित की जाएगी। सुरक्षात्मक उपकरण ग्लव्स, मास्क और पीपीई किट की व्यवस्था करनी होगी। अस्पताल को भी समय-समय पर सैनिटाइज करना होगा।