अब 10 जुलाई तक दाखिल करें सालाना जीएसटी रिटर्न, इसके बाद रोज लगेगा 200 रुपये जुर्माना
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वाणिज्य कर विभाग ने वर्ष 2017-18 में हुए कारोबार का सालाना जीएसटी रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तारीख 30 जून से बढ़ाकर 10 जुलाई कर दी है। इसके बाद रिटर्न दाखिल करने पर रोजाना 200 रुपये के हिसाब से जुर्माना देना होगा।
इसके अलावा विभाग 75 हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थ दंड भी लगा सकता है। यह जानकारी डिप्टी कमिश्नर (जीएसटी) शक्ति प्रताप सिंह ने मंगलवार को लखनऊ व्यापार मंडल की प्रशिक्षण कार्यशाला में व्यापारियों को दी।
उन्होंने कहा कि व्यापारियों की मांग को देखते हुए वाणिज्य कर आयुक्त अमृता सोनी ने जीएसटीआर-9 को 10 जुलाई फाइल करने की सुविधा दी है। जो व्यापारी अंतिम तारीख के बाद फाइल करेंगे, उन्हें ऑनलाइन 100 रुपये स्टेट जीएसटी एवं 100 रुपये केंद्रीय जीएसटी के रूप में रोज जुर्माना चुकाना पड़ेगा।
यहीं नहीं जो व्यापारी अंतिम तारीख तक जीएसटीआर-9 फाइल नहीं करेंगे उनके ऊपर विभाग 75 हजार रुपये का अर्थ दंड लगाएगा, इससे 25-25 हजार रुपये का दंड स्टेट एवं केंद्रीय जीएसटी का शामिल होगा।
व्यापारी छूटी आईटीसी का नहीं कर सकेंगे क्लेम
एडिशनल कमिश्नर विवेक कुमार ने बताया, 2017-18 का आईटीसी (इनपुट क्रेडिट टैक्स) क्लेम नहीं लेने वाले व्यापारियों को अब यह सुविधा नहीं मिलेगी। व्यापारी 30 सितंबर 2018 तक ही छूटी हुई आईटीसी का क्लेम ले सकते थे, इसे सरकार ने 31 मार्च 2019 तक कर दिया था।
उधर, वरिष्ठ महामंत्री अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि प्रचार-प्रसार की कमी से आईटीसी क्लेम छूट गया है। यह क्लेम व्यापारी को मिलना चाहिए क्योंकि पहला रिटर्न वार्षिक जा रहा है। बहुत से व्यापारियों को पता ही नहीं था कि उसकी कौन सी आईटीसी छूटी है।
इस मौके पर डिप्टी कमिश्नर ने व्यापारियों को प्रोजेक्टर पर जीएसटीआर 9 भरने का प्रशिक्षण दिया। कार्यशाला में व्यापारी नेता देवेंद्र गुप्ता, जितेंद्र सिंह चौहान, अमित अग्रवाल, अनस समसी, नवीन अरोड़ा गौरव माहेश्वरी आदि ने शिरकत की।