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Lucknow News: बंद हुई फर्मों को भी जीएसटी का नोटिस, उत्पीड़न से व्यापारी परेशान
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लखनऊ। जीएसटी विभाग अब भी ऐसी फर्मों को नोटिस भेज रहा है, जो सालों पहले बंद हो चुकी हैं। परेशान व्यापारियों ने अब आंदोलन शुरू करने की रणनीति बनाई है।
व्यापारियों ने बताया कि जो व्यापार या फर्म वह बंद करते हैं, उसका रजिस्ट्रेशन सरेंडर कर देते हैं। जब कोई नया कारोबार शुरू करते हैं, तब भी उसका रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इस दोहरी व्यवस्था से व्यापारियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मांग की कि ऑनलाइन प्रक्रिया में यह व्यवस्था होनी चाहिए कि जब एक रजिस्ट्रेशन कैंसल हो जाए तो फिर उसको कोई नोटिस न जाए, लेकिन विभाग व्यापारियों को नोटिस भेजकर उत्पीड़न कर रहा है।
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने बताया कि कुछ व्यापारियों को विभाग ने इस बात का नोटिस दिया कि ईवे बिल पर दो बार माल भेजा गया और बिल जनरेट किया गया, जबकि ऑनलाइन प्रक्रिया में यह संभव ही नहीं है और वह भी जब फर्में बंद हो चुकी हैं। कोई व्यापारी अपनी पांच साल पुरानी फर्म का लॉगइन नहीं खोल सकता। शिकायत पर जब अफसरों ने देखा तो कोई अनियमितता नहीं पाई गई। नोटिस के आरोप भी झूठे निकले। कहा, व्यापारी डरे नहीं और खुलकर समस्याएं बताएं। मंडल कार्यालय पर ऐसी नोटिसें भिजवाएं, जिससे जीएसटी विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जा सके।
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व्यापारियों ने बताया कि जो व्यापार या फर्म वह बंद करते हैं, उसका रजिस्ट्रेशन सरेंडर कर देते हैं। जब कोई नया कारोबार शुरू करते हैं, तब भी उसका रजिस्ट्रेशन कराते हैं। इस दोहरी व्यवस्था से व्यापारियों को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मांग की कि ऑनलाइन प्रक्रिया में यह व्यवस्था होनी चाहिए कि जब एक रजिस्ट्रेशन कैंसल हो जाए तो फिर उसको कोई नोटिस न जाए, लेकिन विभाग व्यापारियों को नोटिस भेजकर उत्पीड़न कर रहा है।
लखनऊ व्यापार मंडल के अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने बताया कि कुछ व्यापारियों को विभाग ने इस बात का नोटिस दिया कि ईवे बिल पर दो बार माल भेजा गया और बिल जनरेट किया गया, जबकि ऑनलाइन प्रक्रिया में यह संभव ही नहीं है और वह भी जब फर्में बंद हो चुकी हैं। कोई व्यापारी अपनी पांच साल पुरानी फर्म का लॉगइन नहीं खोल सकता। शिकायत पर जब अफसरों ने देखा तो कोई अनियमितता नहीं पाई गई। नोटिस के आरोप भी झूठे निकले। कहा, व्यापारी डरे नहीं और खुलकर समस्याएं बताएं। मंडल कार्यालय पर ऐसी नोटिसें भिजवाएं, जिससे जीएसटी विभाग के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जा सके।
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