नियमितीकरण व मानदेय बढ़ाने की मांग को लेकर लक्ष्मण मेला मैदान में चार दिन से प्रदर्शन कर रहे ग्राम रोजगार सेवकों ने गुरुवार को गोमती में छलांग लगा दी।
इस दौरान पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को डूबने से बचाया। वहीं दो ग्राम सेवकों की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें सिविल अस्पताल में भर्ती करना पड़ा।
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लखनऊ में प्रदर्शन
- फोटो : amar ujala
ग्राम रोजगार सेवकों ने गुरुवार को दोपहर बाद विधानभवन घेराव को लेकर कूच किया लेकिन पुलिस ने लक्ष्मण मेला मैदान पर ही उन्हें रोक लिया। इस दौरान आक्रोशित ग्राम रोजगार सेवक नारेबाजी करते रहे। पुलिस व प्रशासन ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन नाराज ग्राम रोजगार सेवक मानने को तैयार नहीं हुए।
इसके बाद प्रशासन ने संगठन के पदाधिकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों को जल्द ही पूरा कराने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। आश्वासन दिया कि एक सप्ताह में उनकी मांगों पर ठोस निर्णय लिया जाएगा।
इसके बावजूद कुछ ग्राम सेवक नारेबाजी करते हुए नदी में कूद गए। जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारी ग्राम सेवक देश राज राम मूरत, पिन्टू यादव, ललितेष शास्त्री मनोज वर्मा सुरेश, रमेश कुमार, देवेंद्र कुमार, ध्यानेन्द्र सिंह, अनिल यादव, लवलेश यादव व उमेश चंद्र साहू को नदी से निकाला।