राजनीति में जुगाड़ से ही चलता है काम, सीएम योगी को भी ऐसे ही काम करना होगा: जोशी
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भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद मुरली मनोहर जोशी ने कहा कि पद्म अलंकरण से कोई सुविधा नहीं मिलती, मानसिक संतोष मिलता है। पद्म अलंकरण आप कोट पर लगा सकते हैं लेकिन नाम के साथ नहीं लगा सकते।
कुछ लोग इसे जुगाड़ भी कहते हैं, लेकिन जुगाड़ भी एक खोज है, जुगाड़ कम प्रतिभा की बात नहीं है। जुगाड़ तकनीक भी प्रभावशाली है।
जोशी शुक्रवार को राजभवन में 2017 में पद्म अलंकरण पाने वाली यूपी की विभूतियों के सम्मान समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि हम राजनीति में जुगाड़ से ही काम चलाते हैं। पहले चुनाव जीतने के लिए जुगाड़ लगाते हैं, फिर सरकार बनाने के लिए जुगाड़ करते हैं।
उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी को भी जुगाड़ से काम करना पड़ेगा। अधिकारी जुगाड़ करेंगे। उन्होंने राज्यपाल राम नाईक का आभार जताते हुए कहा कि विश्वास है कि सम्मान का सिलसिला जारी रहेगा और यूपी से पद्म पुरस्कार पाने वालों की संख्या भी बढ़ेगी।
पद्म पुरस्कार पाने वालों से लोगों को मिलती है प्रेरणा : नाईक
राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि पद्म पुरस्कार उन्हें दिया जाता है जिन्होंने समाज के लिए बहुत कुछ किया है, इन्हें देखने व सुनने से लोगों को इनकी तरह आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।
इसी के लिए इस सम्मान समारोह का आयोजन किया है। नाईक ने मुरली मनोहर जोशी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने सर्व शिक्षा अभियान शुरू कर शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कदम उठाया।
यूपी के स्थापना दिवस पर प्रदेश की विभूतियों का करेंगे सम्मान : योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश का स्थापना दिवस पूरे प्रदेश में भव्यता से मनाया जाएगा। इस अवसर पर विविध क्षेत्रों में काम करने वाली प्रदेश की विभूतियों को मंच उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पद्म पुरस्कार प्राप्त विभूतियों को उनके घर में सम्मानित कर प्रदेश सम्मानित महसूस कर रहा है।
इन्हें किया गया सम्मानित
समारोह में राज्यपाल राम नाईक और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2017 में पद्म पुरस्कार प्राप्त पांच विभूतियों को ट्रीज ऑफ इंडिया देकर सम्मानित किया। इनमें सांसद डॉ. मुरली मनोहर जोशी, प्रो. देवी प्रसाद द्विवेदी, कृष्णराम चौधरी, डॉ. मदन माधव गोडबोले और हरिहर कृपालु त्रिपाठी शामिल हैं।