जेएनयू विवाद पर राज्यपाल ने छात्रों को दी सलाह
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जेएनयू प्रकरण के बाद देश भर में अभिव्यक्ति की आजादी पर छिड़ी बहस के बीच राज्यपाल राम नाईक ने कहा है कि मर्यादा के दायरे में सभी को अपनी बात रखने की स्वतंत्रता होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जेएनयू में देशद्रोही नारेबाजी के मामले पर गुण-दोष का फैसला न्यायालय व संसद करेगी। राज्यपाल मंगलवार को डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के 20वें दीक्षांत समारोह के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।
राज्यपाल ने इसके पहले समारोह के अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि सूबे के सभी 25 विश्वविद्यालयों की ग्रेडिंग तय करने के लिए सर्वे करा रहे हैं।
लड़कियों का ज्यादा मेडल जीतना लड़कों के लिए चिंता की बात
सामान्य विवि समेत मेडिकल-इंजीनियरिंग की कॉमन बातों को निकालकर ग्रेडिंग तय होगी, ताकि शिक्षक, छात्र व अभिभावक जान सकें कि कौन सा विवि सर्वोत्तम है और क्यों है।
उन्होंने कहा कि अवध विवि में स्वर्ण पदक पाने वालों में 53 लड़कियां हैं, जो 60 फीसदी है। यह लड़कों के लिए चिंता की बात होनी चाहिए कि 33 फीसदी आरक्षण मांग रही लड़कियां 60 फीसदी परफार्मेंस देती हैं।
राज्यपाल ने जब यह कहा कि ऐसे में वह दिन दूर नहीं जब लड़कों को आरक्षण की मांग करनी पड़ेगी, तो हाल ठहाकों से गूंज उठा।