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हाथ में शादी का कार्ड लेकर ड्यूटी निरस्त कराने पहुंचे कर्मचारी
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
Updated Fri, 27 Jan 2017 11:56 AM IST
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अनिल मेहरोत्रा
- फोटो : amar ujala
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उद्यान विभाग में कार्यरत अनिल मेहरोत्रा एक हाथ में बिटिया की शादी का कार्ड और दूसरे हाथ में चुनाव ड्यूटी का मिला पत्र लेकर एडीएम एफआर के कार्यालय पहुंचे।
उनका कहना था कि 20 फरवरी को बिटिया का लगन काफी पहले ही निकल चुका था। इसकी तैयारियों में पूरा परिवार जुटा है 19 को चुनाव ड्यूटी का फरमान कैसे पूरा होगा।
अनिल की तरह ही विधानसभा चुनाव के लिए ड्यूटी की चिट्ठी मिलते ही कई कर्मचारी मंगलवार को दोपहर बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसी के हाथ में शादी का कार्ड था तो किसी के पास डॉक्टर का पर्चा, वहीं कुछ लोग परिवारीजन का एक्स-रे रिपोर्ट लेकर छुट्टी की आस में एडीएम वित्त व राजस्व निधि श्रीवास्तव के कार्यालय पहुंचे।
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इनमें पचास फीसदी जहां खुद की या पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता की बीमारी को कारण बता रहे थे तो तीस फीसदी अपनी, पुत्र-पुत्री या करीबी रिश्तेदार का विवाह होने की बात कह रहे थे।
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उनका कहना था कि 20 फरवरी को बिटिया का लगन काफी पहले ही निकल चुका था। इसकी तैयारियों में पूरा परिवार जुटा है 19 को चुनाव ड्यूटी का फरमान कैसे पूरा होगा।
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अनिल की तरह ही विधानसभा चुनाव के लिए ड्यूटी की चिट्ठी मिलते ही कई कर्मचारी मंगलवार को दोपहर बाद कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसी के हाथ में शादी का कार्ड था तो किसी के पास डॉक्टर का पर्चा, वहीं कुछ लोग परिवारीजन का एक्स-रे रिपोर्ट लेकर छुट्टी की आस में एडीएम वित्त व राजस्व निधि श्रीवास्तव के कार्यालय पहुंचे।
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इनमें पचास फीसदी जहां खुद की या पत्नी, बच्चे और बुजुर्ग माता-पिता की बीमारी को कारण बता रहे थे तो तीस फीसदी अपनी, पुत्र-पुत्री या करीबी रिश्तेदार का विवाह होने की बात कह रहे थे।
प्लीज शादी हो जाने दें
अंशुल कुमार
- फोटो : amar ujala
इलाहाबाद बैक में कार्यरत अंशुल कुमार की परेशानी भी कुछ कम नहीं है। लंबे इंतजार के बाद एडीएम एफआर से हुई मुलाकात में अंशुल ने बताया कि 18 फरवरी को मेरी शादी है। ऐसे में 19 फरवरी को चुनाव ड्यूटी कैसे हो पाएगी।
इसलिए प्लीज मेरा नाम चुनाव ड्यूटी से हटा दें और शादी हो जाने दें। गोसाईगंज के एक प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक राम कुमार पत्नी के टूटे पैर का एक्स-रे व डॉक्टरी रिपोर्ट लेकर आए थे।
उन्होंने बताया कि घर में दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग मां है। अब पत्नी के बिस्तर पर पड़े होने से परिवार का खयाल कौन रखेगा। रेंडेमाइजेशन प्रक्रिया के बाद शनिवार को जारी हुई मतदान ड्यूटी का वितरण सोमवार से कर्मचारियों को हुआ।
इसी के बाद मंगलवार को तीस से ज्यादा लोग इससे राहत के लिए गुहार लगाने पहुंचे। शासन-प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक दलों के नेताओं के फोन भी कर्मचारियों की सिफारिश के लिए आए।
एक अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी भी बताते हैं कि कोई अधिकारी सचिवालय या सीएम एनेक्सी में तैनाती का हवाला देता है तो नेता खुद को सत्ताधारी दल से सीधा जुड़ा बताते हैं।
इससे बाकी प्रशासनिक काम भी प्रभावित होने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य निर्वाचन आयोग की संस्तुति पर ही ड्यूटी से राहत देने का फैसला होगा।
एडीएम एफआर निधि श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन सिर्फ वास्तविक जरूरतमंद को ड्यूटी से छूट की संस्तुति आयोग से करेगा। बीमारी की बात कहने वालों के लिए सीएमओ के मेडिकल बोर्ड का संस्तुति प्रमाणपत्र देना होगा।
इसलिए प्लीज मेरा नाम चुनाव ड्यूटी से हटा दें और शादी हो जाने दें। गोसाईगंज के एक प्राइमरी स्कूल में सहायक अध्यापक राम कुमार पत्नी के टूटे पैर का एक्स-रे व डॉक्टरी रिपोर्ट लेकर आए थे।
उन्होंने बताया कि घर में दो छोटे बच्चे और बुजुर्ग मां है। अब पत्नी के बिस्तर पर पड़े होने से परिवार का खयाल कौन रखेगा। रेंडेमाइजेशन प्रक्रिया के बाद शनिवार को जारी हुई मतदान ड्यूटी का वितरण सोमवार से कर्मचारियों को हुआ।
इसी के बाद मंगलवार को तीस से ज्यादा लोग इससे राहत के लिए गुहार लगाने पहुंचे। शासन-प्रशासन में वरिष्ठ अधिकारियों और राजनीतिक दलों के नेताओं के फोन भी कर्मचारियों की सिफारिश के लिए आए।
एक अपर जिलाधिकारी स्तर के अधिकारी भी बताते हैं कि कोई अधिकारी सचिवालय या सीएम एनेक्सी में तैनाती का हवाला देता है तो नेता खुद को सत्ताधारी दल से सीधा जुड़ा बताते हैं।
इससे बाकी प्रशासनिक काम भी प्रभावित होने की आशंका है। अधिकारियों का कहना है कि राज्य निर्वाचन आयोग की संस्तुति पर ही ड्यूटी से राहत देने का फैसला होगा।
एडीएम एफआर निधि श्रीवास्तव ने बताया कि प्रशासन सिर्फ वास्तविक जरूरतमंद को ड्यूटी से छूट की संस्तुति आयोग से करेगा। बीमारी की बात कहने वालों के लिए सीएमओ के मेडिकल बोर्ड का संस्तुति प्रमाणपत्र देना होगा।