निर्माण परियोजनाएं समय से पूरा कराने के लिए नई संस्था बनाएगी सरकार
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प्रदेश सरकार महत्वपूर्ण परियोजनाओं की रूपरेखा तैयार करने, समय से निर्माण व गुणवत्ता तय करने के लिए एक नई संस्था बनाने पर विचार कर रही है। ये संस्था परियोजनाओं की मॉनीटरिंग व फाइनेंसियल ऑडिट का भी काम कराएगी।
इसके लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र व दूसरे राज्यों की कार्यपद्धति का अध्ययन कराने का फैसला किया है। शासन के एक आला अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार की तमाम महत्वपूर्ण परियोजनाएं समय से पूरी नहीं हो पा रही हैं।
इनमें सुस्ती की शुरुआत डीपीआर तैयार करने से होती है और निर्माण पूरा होने तक तय टाइमलाइन पीछे छूट जाती है। इससे प्रोजेक्ट फार्मूलेशन एंड अप्रेजल डिवीजन (पीएफएडी), प्रोजेक्ट इम्प्लीमेंटेशन बोर्ड (पीआईबी) व एक्सपेंडीचर फाइनेंस कमेटी (ईएफसी) का अनुमोदन भी समय से नहीं मिल पाता है।
इस देरी से परियोजनाओं की लागत में अनावश्यक वृद्धि होती है। अधिकारी के मुताबिक पीएफएडी के गठन का मूल मकसद परियोजनाओं के सामाजिक, आर्थिक प्रभाव, उसकी आवश्यकता व औचित्य का परीक्षण करना होता है। लेकिन इस संस्था से उद्देश्यों की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
क्रियाकलाप व गतिविधियों में होंगे मूलभूत बदलाव
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस स्थिति पर कई बार चिंता जता चुके हैं। अधिकारी ने बताया कि सरकार अब इस समस्या के स्थायी समाधान तथा परियोजनाओं से जुड़े समस्त कार्य समय से व पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरा कराने के लिए मौजूदा व्यवस्था के ढांचे, क्रियाकलाप व गतिविधियों में मूलभूत बदलाव करने जा रही है।
इसके लिए एक नई बड़ी व समावेशी संस्था बनाने का विचार है। प्रस्तावित संस्था डीपीआर तैयार करने, पीएफएडी, पीआईबी व ईएफसी के संबंध में समन्वय स्थापित करने, परियोजनाओं के फार्मुलेशन, अप्रेजल, मॉनीटरिंग तथा तकनीकी व वित्तीय ऑडिट के लिए उत्तरदायी होगी।
यही परियोजनाओं को समय व गुणवत्ता के साथ पूरा कराने की जिम्मेदारी निभाएगी।
पीडब्ल्यूडी के पूर्व विभागाध्यक्ष विजय तैयार करेंगे नई संस्था की रूपरेखा
प्रस्तावित संस्था का कार्य, दायित्व व प्रारूप के संबंध में रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग के सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता व विभागाध्यक्ष विजय कुमार सिंह को सौंपी गई है।
अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश ने सिंह से 15 दिनों में रिपोर्ट तैयार कर सौंपने का निर्देश दिए हैं। विजय इस काम के लिए प्रदेश के अतिरिक्त केंद्र सरकार व अन्य राज्यों में कार्यरत इस तरह की संस्थाओं की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर उससे जुड़े लोगों से विचार-विमर्श कर रिपोर्ट तैयार करेंगे।