यूपी: कॉलेजों में अब नहीं चलेगी मनमानी! सरकार ने शुरू की नई मॉनिटरिंग व्यवस्था, हर महीने देनी होगी रिपोर्ट
उच्च शिक्षण संस्थानों में यूपी प्रमाण पोर्टल शैक्षिक गुणवत्ता की निगरानी करेगा। तीन विशेष सचिव व एक संयुक्त सचिव को नोडल बनाया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने निगरानी के लिए इसकी शुरुआत की है। आगे पढ़ें पूरी खबर...
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यूपी में उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में शैक्षिक गुणवत्ता की निगरानी के लिए नई व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में प्रवेश, पढ़ाई, परीक्षा और परिणाम की नियमित निगरानी की जाएगी। विभाग ने परफॉरमेंस, रैंकिंग, इवैलुएशन एंड मॉनिटरिंग ऑफ यूपी हायर एजुकेशन एकेडमिक नेटवर्क (यूपी प्रमाण) पोर्टल लॉन्च किया है।
प्रदेश को चार भागों में बांटकर तीन विशेष सचिव और एक संयुक्त सचिव को नोडल अधिकारी बनाया गया है। विभाग हर साल शैक्षिक कैलेंडर जारी करता है, पर राज्य विश्वविद्यालय इसका अनुपालन नहीं करते। शैक्षिक गुणवत्ता सुधारने के लिए नियमित मॉनिटरिंग का निर्णय लिया गया है।
विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली के पर्यवेक्षण के लिए केपीआई आधारित डैशबोर्ड समीक्षा व्यवस्था लागू हुई है। इससे प्रवेश प्रक्रिया, शिक्षण, शैक्षणिक कैलेंडर, परीक्षा, मूल्यांकन और परिणाम का पर्यवेक्षण होगा। छात्र व शिक्षक उपस्थिति और गुणवत्ता सुधार भी इसमें शामिल हैं। सभी राज्य, राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त व स्ववित्तपोषित महाविद्यालय इसके दायरे में आएंगे।
हर महीने विभाग को देंगे अपनी रिपोर्ट
उच्च शिक्षा विभाग के उप सचिव राम जन्म चौहान ने कुलसचिवों को पत्र भेजा है। उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों को यूपी प्रमाण पोर्टल पर सक्रिय रहने को कहा। निर्धारित सूचना समय से अपलोड करने और सत्यापन के निर्देश दिए गए हैं। नोडल अधिकारी अपने जोन की मासिक रिपोर्ट तैयार करेंगे। यह रिपोर्ट सचिव उच्च शिक्षा को सौंपी जाएगी।
सचिव उच्च शिक्षा इस रिपोर्ट को उच्च शिक्षा मंत्री के सामने प्रस्तुत करेंगे। रिपोर्ट में पोर्टल के बिंदुओं और 26 केपीआई के आधार पर आकलन होगा। नोडल अधिकारी अपने जोन के विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों का आकस्मिक निरीक्षण भी करेंगे। वे आवश्यक सुधार सुनिश्चित कराने का काम भी देखेंगे।
इन अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारी
निधि श्रीवास्तव, विशेष सचिव: लखनऊ, अयोध्या, देवीपाटन, गोरखपुर और बस्ती मंडल।
बीएन सिंह, विशेष सचिव: अलीगढ़, बरेली, मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर मंडल।
सर्वेश कुमार सिंह, विशेष सचिव: वाराणसी, मिर्जापुर, प्रयागराज और चित्रकूट मंडल।
शकील अहमद सिद्दीकी, संयुक्त सचिव: कानपुर, झांसी, आगरा और आजमगढ़ मंडल।