यूपी: पेंशन को लेकर नहीं बनी सरकार व कर्मचारियों में बात, आज से तीन दिन की हड़ताल
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पुरानी पेंशन बहाली पर मुख्य सचिव से सार्थक बातचीत नहीं होने पर ‘पुरानी पेंशन बहाली मंच’ के पदाधिकारियों ने 25 अक्तूबर से तीन दिन की हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री से वार्ता किए बिना इस मसले पर कोई रास्ता निकलने वाला नहीं है।
मंच के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शर्मा और संयोजक हरिकिशोर तिवारी ने मंगलवार देर शाम यहां कहा कि मुख्य सचिव से बातचीत का कोई परिणाम नहीं निकला है। मुख्यमंत्री से बात होने की दशा में लिए गए निर्णय की सूचना जिला इकाइयों को अधिकृत तौर पर दी जाएगी।
कुछ संगठन भ्रम फैला सकते हैं, इसलिए उनसे सावधान रहें। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, बख्शी का तालाब सहित प्रदेश की 120 तहसीलों में कार्यक्रम किए गए।
उत्पीड़न हुआ तो अनिश्चितकालीन हड़ताल
चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ समेत कई संगठनों ने दिया समर्थन
पशु चिकित्सा अधिकारी संघ, ऑल इंडिया टीचर्स एसोसिएशन अरबी-मदारिस, उत्तर प्रदेश शिक्षेणेत्तर कर्मचारी संघ ने समर्थन का एलान किया है। उत्तर प्रदेशीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रामराज दुबे ने भी समर्थन एलान किया है। महासंघ के महामंत्री रामनरेश यादव ने कहा मांग पूरी नहीं होने तक कोई भी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सरकारी काम नहीं करेगा। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ स्वास्थ्य विभाग के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र पांडेय ने उत्पीड़न होने पर आवश्यक सेवाएं भी ठप करने की चेतावनी दी है।
जिलाधिकारियों का समझाना बेअसर
मंच के अध्यक्ष ने दावा किया कि जिलाधिकारियों की तरफ से नई पेंशन नीति को अधिक लाभकारी बताया जा रहा है। पर,मंच के सवालों का जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कुछ जगह तो डीएम एवं कर्मचारी नेताओं में तथ्यों को लेकर झड़प भी हुई।
रेलवे कर्मचारी नेता ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा
रेलवे के कर्मचारी नेता शिवगोपाल मिश्र ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इस मामले में गंभीरता से विचार का आग्रह किया है। टकराव के बजाय संवाद के रास्ते समाधान तलाशने की अपील की है।
पूर्व मुख्य सचिव ने भी किया मांग का समर्थन
मंच ने कहा कि पूर्व मुख्य सचिव योगेंद्र नारायण ने भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के अधिवेशन में स्पष्ट तौर पर कहा कि पेंशन खैरात नहीं है। यह कर्मचारी का अधिकार है। उन्होंने पेंशनर्स समन्वय समिति के संरक्षक की हैसियत से हड़ताल का समर्थन किया है।
तालाबंद कर हड़ताल में शामिल होंगे सचिवालयकर्मी
इस दौरान सचिवालय सेवा संगठन समन्वय समिति बनाने का फैसला हुआ। समन्वय समिति में सभी संगठनों के अध्यक्ष संयोजक सदस्य तथा महामंत्री सह-संयोजक सदस्य होंगे। सभी संगठनों के उपाध्यक्ष व अन्य पदाधिकारी समिति के सदस्य होंगें।
सीमा गुप्ता व धनुर्धर द्विवेदी सहित अन्य सक्रिय सदस्य इसमें शामिल किए गए हैं। राजपत्रित अधिकारी संघ के सचिव शिव शंकर द्विवेदी व सचिवालय संघ के सचिव ओंकार नाथ तिवारी को संयोजक सदस्य के रूप में समन्वय समिति के कार्यों के संचालन कार्य सौंपे जाने का निर्णय हुआ। वहीं, बुधवार को 1 बजे बास्केटबाल लॉन में आमसभा की आपातकालीन बैठक बुलाने का एलान किया है।