{"_id":"5971c3994f1c1b020f8b47d0","slug":"government-advocate-appointment-matter-in-lucknow","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाधिवक्ता के अप्रूवल के बिना सरकार ने नियुक्त कर दिए सरकारी वकील ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाधिवक्ता के अप्रूवल के बिना सरकार ने नियुक्त कर दिए सरकारी वकील
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 21 Jul 2017 02:34 PM IST
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प्रदेश में सरकारी वकीलों की नियुक्ति के मामले में कोर्ट में आज सरकारी वकीलों की नियुक्ति संबंधित दस्तावेज पेश किए गए। इनका अवलोकन करने पर हाईकोर्ट ने पाया कि नियुक्ति की सहमति पर महाधिवक्ता राघवेंद्र सिंह के हस्ताक्षर ही नहीं हैं।
इस पर हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता का पक्ष जानना चाहा। तो महाधिवक्ता ने इस तथ्य को स्वीकारा साथ ही कहा कि वे खुद जल्द इस नियुक्ति सूची का पुनरीक्षण करेंगे। ये जानकारी वरिष्ठ अधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने दी।
बता दें कि महाधिवक्ता महेंद्र सिंह पवार द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष रखने और पैरवी के लिए की गई करीब 350 वकीलों की नियुक्ति में गड़बड़ियां की गई हैं।
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राज्य सरकार ने इनकी सूची सात जुलाई 2017 को जारी की थी। लेकिन नियुक्तियों में वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियुक्ति की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट ने अपने विभिन्न निर्णयों में साफ किया है। वहीं यूपी में लागू विधि परामर्शी नियमावली के भाग पांच व छह का उल्लंघन करते हुए भी कई नियुक्तियां की गई हैं।
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इस पर हाईकोर्ट ने महाधिवक्ता का पक्ष जानना चाहा। तो महाधिवक्ता ने इस तथ्य को स्वीकारा साथ ही कहा कि वे खुद जल्द इस नियुक्ति सूची का पुनरीक्षण करेंगे। ये जानकारी वरिष्ठ अधिवक्ता बुलबुल गोदियाल ने दी।
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बता दें कि महाधिवक्ता महेंद्र सिंह पवार द्वारा दायर याचिका में कहा गया था कि इलाहाबाद हाईकोर्ट में सरकार का पक्ष रखने और पैरवी के लिए की गई करीब 350 वकीलों की नियुक्ति में गड़बड़ियां की गई हैं।
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राज्य सरकार ने इनकी सूची सात जुलाई 2017 को जारी की थी। लेकिन नियुक्तियों में वैधानिक प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। नियुक्ति की प्रक्रिया को सुप्रीम कोर्ट ने अपने विभिन्न निर्णयों में साफ किया है। वहीं यूपी में लागू विधि परामर्शी नियमावली के भाग पांच व छह का उल्लंघन करते हुए भी कई नियुक्तियां की गई हैं।