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फिर फार्म में खां साहब
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
Updated Mon, 11 Aug 2014 11:13 AM IST
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रामपुर वाले खां साहब एक बार फिर फॉर्म में आ गए हैं। आजकल एक मुस्लिम धर्मगुरु उनके निशाने पर हैं।
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खां साहब की फितरत से सभी वाकिफ हैं। एक बार अगर आंखें टेढ़ी कर लीं, तो समझो आ गई उसकी शामत।
असल नाराजगी तो ‘सरकार’ से है जिन्होंने धर्मगुरु की मांग पर वक्फ बोर्ड के चुनाव टाल दिए।
‘सरकार’ के खिलाफ मोर्चा खोलने की हैसियत में नहीं हैं, इसलिए धर्मगुरु पर ही अपनी भड़ास निकाल रहे हैं। बगैर नाम रोज धर्मगुरु के खिलाफ बयान जारी कर रहे हैं। धमकियां दे रहे हैं।
उन्हें लग रहा है कि इस मुहिम से धर्मगुरु के खिलाफ माहौल बन रहा है, लेकिन हो उल्टा रहा है। रोज-रोज की बयानबाजी से पार्टी में उनकी ही आलोचना शुरू हो गई है।
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‘नेताजी’ के कारण कोई खुलकर तो नहीं बोल रहा, लेकिन पीठ पीछे चर्चाएं जरूर हो रही हैं कि खां साहब पार्टी का नुकसान करने पर उतारू हैं।
पता नहीं क्यों उन्हें इतना ‘बर्दाश्त’ किया जा रहा है।
कुर्सी खतरे में न पड़ जाए, इसलिए पहले की तरह इस बार कैबिनेट की बैठकों और ‘सरकार’ के कार्यक्रमों से पूरी तरह किनारा तो नहीं किया है लेकिन हर जगह देरी से पहुंचकर ‘सरकार’ को अपनी नाराजगी का अहसास जरूर करा रहे हैं। पर ‘सरकार’ बेफिक्र हैं।
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आखिर आए दिन मुंह फुला लेने वाले के कितने नाजो-नखरे उठाए जाएं।