लखनऊः कैफे में घुसकर बदमाशों ने जमकर किया बवाल, मची भगदड़, पुलिस करती रही मैनेज
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वहीं, इस मामले की सूचना पुलिस को लगी। पुलिस मौके पर तो नहीं आई, लेकिन थाने पहुंचे पीड़ितों को रेस्टोरेंट में मारपीट की वारदात को भूल जाने और सड़क पर गाड़ी ओवरटेक करते समय चोट लगने की बात कहकर तहरीर देने का दबाव बनाया।
इस पर युवकों ने तहरीर नहीं दी। वहीं, रेस्टोरेंट के मालिक डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि अंदर घुसकर मारपीट करने वाले युवकों की पहचान नहीं हो सकी है। लेकिन सीसीटीवी कैमरों में हमलावरों की तस्वीर साफ है।रेस्टोरेंट में हमले के बाद थाने पहुंचे पीड़ित युवकों ने पुलिस को तहरीर दी।
इसमें लिखा था कि सड़क पर ओवरटेक करने के दौरान कुछ युवकों से कहासुनी हुई। इसके बाद वह रेस्टोरेंट चले गए। उक्त युवकों के साथ कई अन्य लोगों ने रेस्टोरेंट में आकर उन पर हमला कर दिया। तहरीर देखने के बाद दिवसाधिकारी रामअवतार ने मुंशी नीरज के पास भेजा।
रेस्टोरेंट मालिक को भी दी धमकी भरी सलाह
नीरज ने उन युवकों को अर्दब में लेते हुए कहा कि तुम लोग पढ़ने लिखने आये हो तुम्हारा भी मेडिकल होगा। गवाही देने आना पड़ेगा। यह सब कर पाओगे। मुंशी की धमकी भरी सलाह सुनकर युवकों ने प्रार्थनापत्र वापस ले लिया और चले गए।
युवकों की तहरीर पर कार्रवाई नहीं हुई तो रेस्टोरेंट के मालिक डॉ. एसके गुप्ता ने अपनी तरफ से तहरीर दी। इस पर मुंशी ने उनको भी धमकी भरी सलाह दी। कहा कि आपके वहां मारपीट हुई है। जिस युवक को चोट आई है आप उसका मेडिकल कराएंगे।
उसे फिर आना पड़ेगा, विवेचक उसका बयान लेगा, इसलिए आप अपनी तहरीर में घायल युवक का नाम हटा दें। तभी कुछ हो सकता है। वह भी बिना किसी कार्रवाई के ही लौट गए। डॉ. गुप्ता ने कहा कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से करेंगे।