सीमेंट से लदी मालगाड़ी पटरी से उतरी, एक-दूसरे पर आरोप मढ़ते रहे अफसर, ट्रेनों का संचालन प्रभावित
चारबाग यार्ड में शुक्रवार को सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई। इससे ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ। सूचना पर पहुंची रेलवे की टीम काफी मशक्कत के बाद मालगाड़ी को पटरी पर ला सकी। हद तो ये है कि डिरेलमेंट को लेकर अधिकारी एक दूसरे पर मामला टालते नजर आए।
उत्तर रेलवे के चारबाग रेलवे स्टेशन यार्ड में डिरेलमेंट के मामले बढ़ते जा रहे हैं। इससे सेफ्टी पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। दरअसल, रेलमंत्री पीयूष गोयल व चेयरमैन रेलवे बोर्ड अश्विनी लोहानी का पूरा फोकस ट्रेनों के सुरक्षित संचालन पर है। इसके बावजूद लापरवाही बरती जा रही है और लखनऊ यार्ड में डिरेलमेंट के मामले बढ़ रहे हैं।
इसी क्रम में शुक्रवार दोपहर पौने 12 बजे एक मालगाड़ी उस वक्त पटरी से उतर गई, जब उसकी शंटिंग कराई जा रही थी। रेलकर्मियों ने बताया कि गुड्स यार्ड के पॉइंट नंबर 22 व 22बी के पास दो पहिये पटरी से उतर गए। ट्रेन के छठे वैगन के पटरी से उतरते ही सूचना कंट्रोल को दी गई और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंच गए। खास बात यह है कि डिरेलमेंट को लेकर रेलवे के दो विभागों के अधिकारी एक-दूसरे पर मामला टालते दिखे।
इंजीनियरिंग विभाग करता है ट्रेनों का रखरखाव
दरअसल, ट्रैक का रखरखाव इंजीनियरिंग विभाग करता है, जबकि पॉइंट सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन विभाग देखता है। एक अधिकारी की दलील थी कि ट्रेन पॉइंट पर बेपटरी हुई, जिसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं है।
वहीं, दूसरे ने कहा कि ट्रैक में खराबी की वजह से मालगाड़ी पटरी से उतरी। हालांकि, काफी देर बाद ट्रेन को पटरी पर लाया जा सका। इस दौरान दूसरी मालगाड़ियों को रास्ते में रोकना पड़ा, जिससे यात्री ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।