दिव्यांगों को अकेले यात्रा करने पर भी मिलेगी किराए में छूट
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दिव्यांगों के लिए अब ट्रेन में सहयोगी के साथ सफर करने की बाध्यता नहीं होगी। अब ट्रेन में अकेले सफर करने पर भी उन्हें किराए में छूट मिल सकेगी।
रेलवे बोर्ड के निदेशक (पैसेंजर मार्केटिंग) विक्रम सिंह ने बताया कि दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनमें आत्मविश्वास जगाने के मकसद से यह कदम उठाया गया है।
पहले दिव्यांग यात्री को ट्रेन में सफर के दौरान अपने साथ एक सहयोगी को ले जाना जरूरी था। किराए में दोनों को छूट दी जाती थी। रेलवे ने इस नियम में बदलाव कर दिया है। इसका आदेश भी जारी हो गया है।
दिव्यांग यदि चाहेंगे तो एक सहयोगी को ले जा सकेंगे साथ
उन्होंने बताया कि पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (पीआरएस) में इस बाबत बदलाव किया जा रहा है और जल्द ही क्रिस सॉफ्टवेयर में भी इसे फीड कर दिया जाएगा। हालांकि दिव्यांग यदि चाहेंगे तो एक सहयोगी को भी साथ ले जा सकेंगे। ऐसे में पहले की तरह दोनों को किराए में छूट दी जाएगी।
कहां कितनी छूट
पैरालिसिस, ऑर्थोपेडिक हैंडीकैप, मानसिक मंदित, दृष्टिबाधित
सेकंड, स्लीपर, फर्स्ट, एसी चेयरकार व एसी थ्री टियर : 75 प्रतिशत
फर्स्ट क्लास एवं एसी टू टियर : 50 प्रतिशत
एसी थ्री टियर व एसी चेयरकार (राजधानी व शताब्दी) : 25 प्रतिशत
एमएसटी : 50 प्रतिशत
मूक-बधिर
सेकंड, स्लीपर व फर्स्ट क्लास : 50 प्रतिशत
एमएसटी : 50 प्रतिशत