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Gonda: संपत्ति के लालच में 'मास्टरमाइंड' पौत्री ने ही करवाई थी रिटायर्ड रेलकर्मी की हत्या, यूं हुआ खुलासा

Thu, 25 Jul 2024 05:23 AM IST
ishwar ashish संवाद न्यूज एजेंसी, मनकापुर (गोंडा)
संवाद न्यूज एजेंसी, मनकापुर (गोंडा) Published by: ishwar ashish Updated Thu, 25 Jul 2024 05:23 AM IST
सार

गोंडा में रिटायर्ड रेलकर्मी की हत्या उसकी पौत्री ने ही संपत्ति के लालच में करवाई थी। मामले में आरोपी पौत्री सहित तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है।

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Gonda:Police exposed the truth behind death of retired railway employees.
पुलिस की गिरफ्त में आई पौत्री। - फोटो : amar ujala

विस्तार

गोंडा जिले की कोतवाली मनकापुर क्षेत्र के भरहूं गांव के रहने वाले सेवानिवृत्त रेलकर्मी पाटेश्वरी चौहान की हत्या संपत्ति के लालच में उनकी पौत्री ने ही कराई थी। मास्टरमाइंड पौत्री ने अपने दोस्त के साथ मिलकर अपने दादा की हत्या की साजिश रची थी। इसका खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी पौत्री समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी भी बरामद की है जबकि एक अन्य आरोपी फरार है।

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पुलिस कप्तान विनीत जायसवाल ने केस का खुलासा करते हुए बताया कि वजीरगंज थाना क्षेत्र के उदयपुर ग्रंट गांव के रहने वाले पाटेश्वरी चौहान (80) वर्ष 2007 में रेलवे से सेवानिवृत्त होने के बाद मनकापुर कोतवाली क्षेत्र के भरहूं गांव में मकान बनवाकर अकेले ही रहते थे। 19 जुलाई की देर रात घर के बरामदे में सोते समय उनकी कुल्हाड़ी से काटकर हत्या कर दी गई थी। मामले में उनकी पौत्र वधू सरस्वती देवी ने अज्ञात के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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एसपी के मुताबिक हत्या की तफ्तीश के दौरान पता चला कि पाटेश्वरी की पौत्री रिया उर्फ रिंका चौहान हत्या से पहले 18 जुलाई को फ्लाइट से पुणे चली गई थी। संदेह होने पर रिंका से कड़ाई से पूछताछ की गई तो बताया कि वह अपनी मां के संग मिलकर डेढ़ साल तक बाबा की सेवा करती रही। मगर बाबा पाटेश्वरी अपनी पूरी संपत्ति 17 बीघा जमीन व भरहूं गांव में स्थित मकान बड़ी पौत्र वधू सरस्वती के नाम करना चाहते थे, दो बीघा जमीन सरस्वती के नाम बैनामा भी कर चुके थे। शेष बची 15 बीघा जमीन व मकान भी सरस्वती के नाम करने की बात कह रहे थे। यही वजह रही कि उसने बाबा को रास्ते से हटाने की अपने दोस्त दिनेश चौहान के साथ मिलकर योजना बनाई।

मनकापुर के अंबरपुर के रहने वाले सलमान व बंदरहा गांव निवासी अखिलेश उपाध्याय जो आर्थिक रूप से बहुत कमजोर थे। उन्हें अयोध्या में दुकान कराने का लालच देकर शामिल कर लिया। दोनों हत्या को अंजाम देने को तैयार हो गए तो किसी को शक न हो इसलिए वह 18 जुलाई को फ्लाइट से पुणे चली गई। 19 जुलाई की रात दिनेश बाइक से सलमान व अखिलेश को लेकर बाबा के घर पर छोड़कर चला गया। अखिलेश ने बाबा का पैर जकड़ लिया और सलमान ने गला घोंटने का प्रयास किया। मगर वह खुद को बचाने के लिए प्रयास करते रहे।

इसी दौरान पास में रखी कुल्हाड़ी से दोनों ने बाबा की गला काटकर हत्या कर दी और फरार हो गए। एसपी ने बताया कि रिंका को हत्या की सूचना मिली तो वह वापस लौट आई और मर्च्युरी हाउस भी गई थी। एसपी के मुताबिक तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पकड़े गए आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त कुल्हाड़ी बरामद कर ली गई है। फरार हुए दिनेश चौहान की तलाश में पुलिस टीम दबिश दे रही है। 



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