गोंडा: भ्रष्टाचार के आरोप में टॉमसन इंटर कॉलेज का प्रबंधक बर्खास्त, प्रभारी प्रधानाचार्य से चार्ज छिना
शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज (टाॅमसन) में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। कॉलेज के प्रबंध समिति की अध्यक्ष और डीएम नेहा शर्मा ने भ्रष्टाचार के आरोपों में प्रबंधक गंगा प्रसाद मिश्र को बर्खास्त कर दिया है।
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मंडल मुख्यालय के प्रतिष्ठित शहीदे आजम सरदार भगत सिंह इंटर कॉलेज (टाॅमसन) में भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। कॉलेज के प्रबंध समिति की अध्यक्ष और डीएम नेहा शर्मा ने भ्रष्टाचार के आरोपों में प्रबंधक गंगा प्रसाद मिश्र को बर्खास्त कर दिया है। साथ ही उन्हें प्रबंध समिति के सदस्य पद से भी विलोपित कर दिया है। उनके स्थान पर शिक्षाविद् सूर्य प्रसाद मिश्र को कार्यकारी प्रबंधक नियुक्त किया है। कॉलेज में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितता तो की ही गई थी, शिक्षा अधिकार अधिनियम का उल्लंघन कर कक्षा सात व आठ के छात्रों से अवैध वसूली भी की गई। 43 लाख रुपये का अनियमित ऋण लेकर मनमानी भी की गई। डीआईओएस की जांच में इसका खुलासा हुआ। दूसरी तरफ प्रभारी प्रधानाचार्य राजकरन वर्मा से चार्ज छीन लिया गया है। उनके स्थान पर स्थानांतरित प्रधानाचार्य डॉ. अवध शरण मिश्र ने प्रिसिंपल के रूप में कार्यभार संभाला लिया है।
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के पूर्व मंडलीय मंत्री व अधिवक्ता विनय शुक्ल की शिकायत पर डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक से जांच कराई तो भ्रष्टाचार का मामला सामने आया। डीआईओएस डॉ. रामचंद्र ने जांच में खुलासा किया कि कॉलेज की बाउंड्री तोड़कर दुकानें बनवाई गईं। इसके लिए लोगों से एक-एक लाख रुपये लिए गए और फिर उसका समायोजन किराये में किया। इसकी अनुमति नहीं ली गई, मनमाने ढंग से सारा खेल हुआ। नियम तोड़ने का सिलसिला जारी रहा। प्रबंध समिति के सदस्यों की सूची निबंधक से अनुमोदित ही नहीं कराई गई। राशि की स्वीकृति कराए बिना ही 43 लाख 95 लाख 707 रुपये का अनियमित ऋण ले लिया। मंडलीय ऑडिट में कॉलेज प्रबंधन ने कोई अभिलेख भी नहीं दिये। सबसे गंभीर मामला तो प्रावधान न होते हुए भी छात्रों से 190 रुपये की वसूली की गई और बाद में 50 रुपये वापस किये। डीएम ने रिपोर्ट के आधार पर माना कि प्रबंधक गंगा प्रसाद मिश्र व प्रभारी प्रधानाचार्य राजकरन वर्मा ने संस्था हितों की अनदेखी करके वित्तीय अनियमितता की। डीएम ने प्रबंधक को हटाने के साथ ही प्रधानाचार्य के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिये हैं।
प्रबंधक व नए प्रधानाचार्य ने कार्यभार संभाला
डीएम के आदेश पर इंटर कॉलेज के प्रबंधक सूर्य प्रसाद मिश्र ने कार्यभार संभाल लिया। इसके साथ ही जून 2024 से कार्यभार के लिए दौड़ रहे प्रधानाचार्य अवध शरण मिश्र ने भी शुक्रवार को कार्यभार ग्रहण किया। कॉलेज की पदेन अध्यक्ष जिलाधिकारी ही हैं, उनके आदेश पर भी प्रधानाचार्य को कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया था। पूर्व प्रबंधक गंगा प्रसाद मिश्र उन्हें कार्यभार ग्रहण कराने से कन्नी काट रहे थे।
ऊंची पहुंच के चलते पूर्व प्रबंधक का था दबदबा
टॉमसन के पूर्व प्रबंधक गंगा प्रसाद मिश्र वरिष्ठ अधिवक्ता तो थे ही उनकी ऊंची पहुंच भी थी। पावर कॉर्पोरेशन के बहुचर्चित एसडी एपी मिश्र के भाई होने से उनकी अलग ही हनक थी। जिसके चलते वह लगातार कॉलेज की अध्यक्ष जिलाधिकारी के आदेशों को मानने से भी इंकार करते रहे। अब जांच में कार्रवाई के दायरे में आने के बाद गंगा प्रसाद मिश्र की मुश्किलें बढ़ गई हैं। भ्रष्टाचार और अनियमितता के इस मामले में प्रशासन ने उन पर शिकंजा कस दिया है।
हो सकती है एफआईआर
जिलाधिकारी ने वित्तीय अनियमितता के साथ ही शिक्षा अधिकार कानून के उल्लंघन में तत्कालीन प्रबंधक और प्रभारी प्रधानाचार्य को दोषी माना है। उन्होंने पद से हटाने की कार्रवाई के साथ ही विधिक कार्रवाई के संकेत भी दिये हैं। माना जा रहा है कि माध्यमिक शिक्षा विभाग से हुई जांच रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर भी दर्ज हो सकती है।
शिकायत पर की कार्रवाई
टॉमसन कॉलेज जिले का प्रतिष्ठित संस्थान है। शिकायत के आधार पर जांच कराई गई, जिसमें तत्कालीन प्रबंधक गंगा प्रसाद मिश्र पर लगे आरोपों की पुष्टि हुई है। प्रशासन योजना बिंदु 12 में निहित प्रावधान के तहत उन्हें प्रबंध समिति से विलोपित किया गया है। उनके स्थान पर सदस्य सूर्य प्रसाद मिश्र को कार्यकारी प्रबंधक नामित किया गया है। अभी विस्तृत जांच के बाद विधिक कार्रवाई कराई जाएगी। पूर्व प्रधानाचार्य के खिलाफ कार्रवाई प्रचलित है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।- नेहा शर्मा, डीएम-अध्यक्ष कॉलेज प्रबंध समिति