लखनऊ। कल्याणपुर स्थित जाहिरपुर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को भक्ति के विभिन्न रूपों का बखान हुआ। कथावाचक भुवनेश्वरी प्रसाद उपाध्याय ने सृष्टि के निर्माण का वर्णन किया। भगवान विष्णु की नाभि से निकले कमल से ब्रह्मा जी प्रकट हुए और उन्होंने सृष्टि का निर्माण किया। सच्ची भक्ति से ही भगवान को प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए अच्छे मार्ग पर चलना होगा। अच्छे कर्म करने होंगे। नारद जी प्राकट्य की कथा सुनाते हुए पूर्व जन्मों के कर्मों और वैराग्य का महत्व बताया। कहा कि अच्छे कर्म से ही भगवान प्रसन्न होते हैं। यजमान सत्यप्रकाश मिश्र एवं शारदा मिश्रा ने पूजा-अर्चना कर सुख और शांति की कामना की। दुर्गेश कुमार मिश्र, ओमप्रकाश, गिरजेश, राजशेखर, सादर्श, अंकुश मिश्र आदि लोग मौजूद रहे।

कथा के दूसरे दिन सोमवार को भक्ति के विभिन्न रूपों का बखान हुआ।