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Lucknow News: बिना जांच रिपोर्ट के दे रहे सीटी स्कैन शीट
Mon, 07 Oct 2024 02:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 07 Oct 2024 02:22 AM IST
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जिला अस्पताल में बच्चे का सिटी स्कैन करती स्वास्थ्यकर्मी।
- फोटो : संवाद
रायबरेली। जिला पुरुष अस्पताल में लाखों रुपये की लागत से सीटी स्कैन मशीन लगी है। हाल यह है कि अक्सर सीटी स्कैन मशीन किसी न किसी तकनीकी दिक्कत के बंद रहती है। पिछले दस दिनों से एक नई समस्या का मरीज सामना कर रहे हैं। सीटी स्कैन की फिल्म शीट तो मिल रही है, लेकिन जांच रिपोर्ट नदारद है। कारण, रेडियोलॉजिस्ट अवकाश पर हैं और जिला अस्पताल में अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट नहीं है।
जिला अस्पताल में एक सीटी स्कैन मशीन है और हर दिन करीब 80 से 90 मरीजों का सीटी स्कैन होता है। पिछले दस दिनों से सीटी स्कैन तो हो रहा है लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं बन रही है। मरीजों को यह कहकर सीटी स्कैन शीट की जा रही है कि वह अपनी मर्जी से इसे लेकर जा रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी है।
किसी अतिरिक्त चिकित्सक को जांच रिपोर्ट के लिए नियुक्ति नहीं किया गया है। बताते हैं कि रेडियोलॉजिस्ट 15 दिनों के अवकाश पर है। पिछले दस दिनों से बिना जांच रिपोर्ट के सीटी स्कैन फिल्म शीट थमाने का सिलसिला जारी है। खुद का बचाव करने के लिए अधिकारी सारी जिम्मेदारी मरीजों की बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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कहा जा रहा है कि मरीज खुद सीटी स्कैन की शीट बिना रिपोर्ट के ले जा रहे हैं। इसे लेकर मरीजों से कागज पर लिखवा भी लिया जाता है। वहीं मरीज इस अव्यवस्था से परेशान हैं। सबसे अधिक दिक्कत गंभीर न्यूरो के मरीजों के लिए है। सीटी स्कैन रिपोर्ट उनके लिए बहुत जरूरी है। ऐसे में यह मरीज निजी न्यूरो चिकित्सक और सर्जन के पास जाने को मजबूर हैं। वहां पर रिपोर्ट बनाने के लिए पैसे लिए जा रहे हैं।
नहीं लगाया कोई अतिरिक्त स्टॉफ
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन को लेकर चौबंद व्यवस्था नहीं है। एक रेडियोलॉजिस्ट के सहारे पूरा सीटी स्कैन विभाग चल रहा है। इसी कारण अक्सर कभी मशीन खराब तो कभी रिपोर्ट का रोना रहता है। सीटी स्कैन मशीन भी अक्सर खराब होती रहती है और उसे लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं की जाती है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है।
जिला अस्पताल में अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। तैनात रेडियोलॉजिस्ट 15 दिन के अवकाश पर हैं। किसी भी मरीज को सीटी स्कैन फिल्म शीट बिना रिपोर्ट के नहीं दी जा सकती है, लेकिन मरीज खुद ही लेकर जा रहे हैं तो क्या किया जा सकता है।
प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस
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जिला अस्पताल में एक सीटी स्कैन मशीन है और हर दिन करीब 80 से 90 मरीजों का सीटी स्कैन होता है। पिछले दस दिनों से सीटी स्कैन तो हो रहा है लेकिन जांच रिपोर्ट नहीं बन रही है। मरीजों को यह कहकर सीटी स्कैन शीट की जा रही है कि वह अपनी मर्जी से इसे लेकर जा रहे हैं। जिला अस्पताल प्रशासन ने इस पर कोई कार्रवाई करने की जरूरत नहीं समझी है।
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किसी अतिरिक्त चिकित्सक को जांच रिपोर्ट के लिए नियुक्ति नहीं किया गया है। बताते हैं कि रेडियोलॉजिस्ट 15 दिनों के अवकाश पर है। पिछले दस दिनों से बिना जांच रिपोर्ट के सीटी स्कैन फिल्म शीट थमाने का सिलसिला जारी है। खुद का बचाव करने के लिए अधिकारी सारी जिम्मेदारी मरीजों की बताकर पल्ला झाड़ रहे हैं।
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कहा जा रहा है कि मरीज खुद सीटी स्कैन की शीट बिना रिपोर्ट के ले जा रहे हैं। इसे लेकर मरीजों से कागज पर लिखवा भी लिया जाता है। वहीं मरीज इस अव्यवस्था से परेशान हैं। सबसे अधिक दिक्कत गंभीर न्यूरो के मरीजों के लिए है। सीटी स्कैन रिपोर्ट उनके लिए बहुत जरूरी है। ऐसे में यह मरीज निजी न्यूरो चिकित्सक और सर्जन के पास जाने को मजबूर हैं। वहां पर रिपोर्ट बनाने के लिए पैसे लिए जा रहे हैं।
नहीं लगाया कोई अतिरिक्त स्टॉफ
जिला अस्पताल में सीटी स्कैन को लेकर चौबंद व्यवस्था नहीं है। एक रेडियोलॉजिस्ट के सहारे पूरा सीटी स्कैन विभाग चल रहा है। इसी कारण अक्सर कभी मशीन खराब तो कभी रिपोर्ट का रोना रहता है। सीटी स्कैन मशीन भी अक्सर खराब होती रहती है और उसे लेकर भी कोई व्यवस्था नहीं की जाती है। जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है।
जिला अस्पताल में अतिरिक्त रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। तैनात रेडियोलॉजिस्ट 15 दिन के अवकाश पर हैं। किसी भी मरीज को सीटी स्कैन फिल्म शीट बिना रिपोर्ट के नहीं दी जा सकती है, लेकिन मरीज खुद ही लेकर जा रहे हैं तो क्या किया जा सकता है।
प्रदीप अग्रवाल, सीएमएस