लड़को पर फिर भारी पड़ीं लड़कियां, खूब लूटे नंबर
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पहली बार यूपी बोर्ड की ओर से एक साथ घोषित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के परिणाम में बाजी एक बार से फिर बेटियों के नाम रही। इतना ही नहीं इंटरमीडिएट एवं हाईस्कूल के परिणाम में छात्राएं 'टॉप थ्री' में हावी रहीं।
लगातार दो वर्षों तक 90 फीसदी से अधिक परीक्षा परिणाम आने के बाद 2015 में इंटरमीडिएट का परीक्षाफल ९० फीसदी से कम रहा। इंटरमीडिएट में लखनऊ की ज्योति राठौर ने ४८६ अंकों के साथ टॉप किया तो दूसरे स्थान पर ४८५ अंकों के साथ संयुक्त रूप से लखनऊ की मानसी जायसवाल और हमीरपुर की स्नेहा रहीं।
तीसरे स्थान पर पांच विद्यार्थियों ने ४८३ अंकों के साथ जगह बनाई है। हाईस्कूल के परीक्षाफल में बस्ती के सर्वेश वर्मा ने ५८१ अंकों के साथ पहला और ५८० अंकों के साथ कासगंज से बंटी वर्मा एवं इटावा से हनी ने दूसरा तथा ५७७ अंकों के साथ बाराबंकी की अंजलि पटेल तीसरे स्थान पर रहीं। यूपी बोर्ड के टॉपर्स को भी इस बार काफी अधिक नंबर मिले।
परिणामों पर एक नजर
लखनऊ पब्लिक कॉलेज की छात्रा ज्योति राठौर ने ५०० में ४८६ अंकों के साथ पहला स्थान बनाया है जो २०१४ की अपेक्षा एक अंक कम है। गत वर्ष टॉपर को ४८७ अंक मिले थे। दूसरे स्थान पर ४८५ अंकों के साथ लखनऊ की ही लखनऊ पब्लिक कॉलेज की छात्रा मानसी जायसवाल एवं हमीरपुर की स्नेहा को संयुक्त रूप से दूसरा स्थान मिला है।
इसी प्रकार तीसरे स्थान पर लखनऊ पब्लिक कॉलेज की छात्रा के छात्र मो. कासिफ अंसारी, उन्नाव त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज, कानपुर की पंडित आरपीएमआईसी यशोदानगर कानपुर की प्रगति सिंह, बस्ती जीएसएएस एकेडमी हरैया बस्ती के किशन वर्मा, बस्ती जीएसएएस एकेडमी हरैया बस्ती के शिवम सिंह संयुक्त रूप से ४८३ अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से रविवार को घोषित इंटरमीडिएट के रिजल्ट में टॉपर्स की सूची में तो छात्राओं का दबदबा रहा ही, पास होने के मामले में भी बालिकाएं अव्वल रहीं। इतना ही नहीं, ससम्मान तथा प्रथम श्रेणी में पास होने के मामले में भी बालिकाएं बालकों से काफी आगे हैं। पास होने वाले छात्रों की संख्या में ४.९० तथा छात्राओं की २.९७ फीसदी की कमी आई है।