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राजधानी में डेंगू से ग्रस्त बच्ची की मौत
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राजधानी में डेंगू से बच्ची की मौत। (फोटो ः प्रतीकात्मक)
- फोटो : ??? ?????
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राजधानी में शुक्रवार को डेंगू से पीड़ित एक बच्ची की मौत हो गई। वह बलरामपुर अस्पताल में भर्ती थी। डॉक्टरों का कहना है कि बच्ची की हालत गंभीर बनी हुई थी। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। शहर में डेंगू से मौत का यह दूसरा मामला है।
हरदोई के संडीला निवासी नफीस की बेटी अलबीना (4) को करीब डेढ़ हफ्ते पहले तेज बुखार आया था। पहले नजदीकी क्लीनिक से दवा लाकर देते रहे, पर फायदा न हुआ।
हालत गंभीर होने पर उसे जिले के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन भर्ती के दौरान जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। यही नहीं, प्लेटलेट्स काउंट भी 65 हजार पहुंच गए थे।
तीन दिन पहले तीमारदार बच्ची को लेकर केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर आए, जहां डॉक्टरों ने बेड खाली न होने का हवाला देकर लौटा दिया। इसके बाद परिवारीजन बच्ची को 14 सितंबर को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए।
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प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची को बाल रोग विभाग में शिफ्ट किया गया। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पिता का आरोप है कि केजीएमयू में बच्ची को भर्ती नहीं किया गया। इस दौरान करीब दो घंटे तक वहां चक्कर लगाते रहे।
निजी अस्पताल में दरोगा की गई थी जान
शहीद पथ स्थित बड़े निजी अस्पताल में भर्ती प्रयागराज निवासी एक दरोगा की डेंगू से मौत इसी हफ्ते हुई थी। गैर जनपद से आने से पहले दरोगा की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर सपोर्ट दिया था, पर जान नहीं बचाई जा सकी थी।
डेंगू के दस नए मरीज मिले
शुक्रवार को डेंगू के दस नए मरीज सामने आए। सभी मरीज ओपीडी में कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आए हैं। जो घर पर इलाज करवा रहे हैं। इसमें पांच मरीज बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में जबकि पांच मरीज लोेकबंधु की ओपीडी में पॉजिटिव आए हैं। सभी मरीजों का नमूना एलाइजा जांच के लिए भेजा जा रहा है।
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हरदोई के संडीला निवासी नफीस की बेटी अलबीना (4) को करीब डेढ़ हफ्ते पहले तेज बुखार आया था। पहले नजदीकी क्लीनिक से दवा लाकर देते रहे, पर फायदा न हुआ।
हालत गंभीर होने पर उसे जिले के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दो दिन भर्ती के दौरान जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। यही नहीं, प्लेटलेट्स काउंट भी 65 हजार पहुंच गए थे।
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तीन दिन पहले तीमारदार बच्ची को लेकर केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर आए, जहां डॉक्टरों ने बेड खाली न होने का हवाला देकर लौटा दिया। इसके बाद परिवारीजन बच्ची को 14 सितंबर को बलरामपुर अस्पताल की इमरजेंसी में ले गए।
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प्राथमिक इलाज के बाद बच्ची को बाल रोग विभाग में शिफ्ट किया गया। शुक्रवार को उसकी मौत हो गई। पिता का आरोप है कि केजीएमयू में बच्ची को भर्ती नहीं किया गया। इस दौरान करीब दो घंटे तक वहां चक्कर लगाते रहे।
निजी अस्पताल में दरोगा की गई थी जान
शहीद पथ स्थित बड़े निजी अस्पताल में भर्ती प्रयागराज निवासी एक दरोगा की डेंगू से मौत इसी हफ्ते हुई थी। गैर जनपद से आने से पहले दरोगा की हालत गंभीर थी। डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर सपोर्ट दिया था, पर जान नहीं बचाई जा सकी थी।
डेंगू के दस नए मरीज मिले
शुक्रवार को डेंगू के दस नए मरीज सामने आए। सभी मरीज ओपीडी में कार्ड टेस्ट में पॉजिटिव आए हैं। जो घर पर इलाज करवा रहे हैं। इसमें पांच मरीज बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में जबकि पांच मरीज लोेकबंधु की ओपीडी में पॉजिटिव आए हैं। सभी मरीजों का नमूना एलाइजा जांच के लिए भेजा जा रहा है।