फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   girl children are in pitiable condition in Lucknow.

हाथरस की घटना पर बोले योगी आदित्यनाथ, तीसरी बेटी जन्मी तो हत्या कर दी, यह कैसा समाज

Wed, 11 Oct 2017 08:58 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 11 Oct 2017 08:58 PM IST
विज्ञापन
girl children are in pitiable condition in Lucknow.
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यना‌थ - फोटो : amar ujala

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाज की सोच के कारण आज भी बेटियां अत्याचार की शिकार हो रही हैं। शिक्षा से ही बेटियों को स्वावलंबी बनाया जा सकता है। उनकी सरकार बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना के साथ समाज में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।

विज्ञापन


सीएम बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर एक निजी संस्था की ओर से इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित सम्मान समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने बेटियों के जन्म पर उन्हें मार देने की सोच को गंभीर बताया। उन्होंने पिछले दिनों मीडिया में आई हाथरस की एक घटना का जिक्र किया। कहा कि दादी ने बेटी को सिर्फ इसलिए मार दिया क्योंकि घर में तीसरी बार लड़की पैदा हुई। यह घटना समाज के लिए चिंताजनक है। हम आखिर किस सोच वाले समाज में रहते हैं। यह सोचने का विषय है कि हम समाज को कैसा माहौल दे रहे हैं?
विज्ञापन


उन्होंने कहा, प्रदेश सरकार इस माहौल को बदलने के प्रयास में है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना में लड़कियों को पूरी सुरक्षा और स्वाभिमान के साथ सशक्त किया जा रहा है। यूपी में स्नातक तक लड़कियों की पढ़ाई को अहिल्याबाई बालिका शिक्षा योजना में मुफ्त किया गया है। महिला सुरक्षा के लिए महिला कल्याण विभाग ने सभी 75 जिलों में रेस्क्यू वैन शुरू की हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

शिक्षा के जरिए ही स्वावलंबी, सशक्त व आत्मनिर्भर बन सकती हैं बेटियां

girl children are in pitiable condition in Lucknow.

उन्होंने कहा केन्द्र सरकार की बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ योजना को अब तक प्रदेश में लागू नहीं किया गया था। उनकी सरकार ने आते ही इसे लागू किया है। योजना के जरिए बेटियों को समाज की मुख्य धारा में लाकर आगे बढ़ाया जा रहा है।

उन्होंने कहा, शिक्षा के जरिए ही बेटियों को स्वावलंबी, सशक्त, आत्मनिर्भर और स्वाभिमानी बनाया जा सकता है। बेटियों में भी किसी से कम क्षमता नहीं है। इसका अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि यूपी बोर्ड की हाई स्कूल और इंटर के टॉपर्स 147 बच्चों में 99 बेटियां रही हैं।

उन्होंने कहा, प्रदेश में बेसिक शिक्षा विभाग के स्कूलों में 1.53 करोड़ विद्यार्थियों को निशुल्क किताबें, यूनिफॉर्म व जूते मोजे बांटे हैं। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना में 6 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उनमें से करीब आधी महिलाएं हैं।

61,700 महिला स्वयं सहायता समूह गठित कर उन्हें स्वरोजगार का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे करीब 30 लाख परिवारों को फायदा होगा। सीधे तौर पर छह लाख से अधिक महिलाओं को स्वरोजगार मिलेगा।

ग्रामीण इलाकों में अब भी लड़कियों को पढ़ाई नहीं

girl children are in pitiable condition in Lucknow.
रीता बहुगुणा जोशी व योगी आदित्यना‌‌थ। - फोटो : amar ujala

महिला एवं बाल कल्याण मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी ने भी बालिका शिक्षा पर जोर दिया। कहा कि आज भी ग्रामीण अंचलों में उच्च शिक्षण संस्थानों के अभाव में बेटियां आगे पढ़ाई नहीं कर पातीं।

योगी सरकार ने बेटियों की शिक्षा और उत्थान की कई योजनाएं शुरू की हैं। गरीब का बच्चा भी प्रतिभावान होता है। मुख्यमंत्री स्वयं एक साधारण परिवार से हैं।

अपने स्कूली दिनों में उन्होंने जो परेशानी महसूस की वह आने वाली पीढ़ी को न हो, इसलिए उन्होंने किताबें, यूनिफॉर्म, जूते मोजे, बैग और स्वेटर तक निशुल्क देने का निर्णय किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed