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पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव के बाद ही होगा गठबंधन: कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद

Thu, 18 Oct 2018 01:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Updated Thu, 18 Oct 2018 01:26 PM IST
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ghulam nabi azad on alliance for loksabha election.
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद - फोटो : amar ujala

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं यूपी प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कोई महागठबंधन नहीं होगा। अलबत्ता समान विचार वाली कुछ पार्टियां गठबंधन जरूर करेंगी लेकिन यह गठबंधन पांच राज्यों में चुनाव के बाद ही शक्ल ले पाएगा। कांग्रेस ने कभी भी महागठबंधन की बात नहीं की।

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वह बुधवार को सर सैयद डे के मौके पर इंदिरा प्रतिष्ठान में आयोजित एक कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। यह कार्यक्रम अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी ओल्ड बॉयज एसोसिएशन की लखनऊ ब्रांच द्वारा आयोजित था।
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आजाद ने कहा कि आज अवाम के बीच कश्मीरियों और एएमयू की छवि बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। देश में 1857 जैसे हालात हो गए हैं। एक सोच वाले लोग समाज को बांट रहे हैं। अगर इन्हें नहीं रोका गया तो परिणाम भयावह हो सकते हैं। इस काम में ओल्ड बॉयज एसोसिएशन अहम भूमिका निभा सकती है। सर सैयद अहमद को याद करते हुए कहा, उन्होंने तालीम के क्षेत्र में विशेष योगदान दिया।
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उन्होंने कहा, सर सैयद अहमद समाज को समग्र रूप में देखते थे। वे प्रत्येक वर्ग के वंचित तबके को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने काफी काम किया। उनका मानना था कि तालीम ही गरीबों, दलितों, पिछड़ों और वंचितों की भाग्य का फैसला कर सकती है। इसी नाते उन्होंने एएमयू की स्थापना की। इस विश्वविद्यालय से दुनिया में भारत का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है।

एएमयू में आरक्षण की मांग गैरवाजिब

गुलाम नबी ने कहा, सर सैयद अहमद हिंदू- मुसलमानों को एक व्यक्ति की दो आंखों की तरह मानते थे। उन्होंने एएमयू में दलितों को आरक्षण देने की मांग को सिरे से खारिज कर दिया। कहा, इसकी स्थापना अल्पसंख्यकों के लिए हुई थी। यहां अच्छी खासी संख्या में बहुसंख्यक समुदाय के लोग भी पढ़ते हैं। इन लोगों ने कभी भेदभाव की शिकायत नहीं की।

अब एक वर्ग विशेष के लिए खोले गए विश्वविद्यालय में दलितों को आरक्षण देकर अल्पसंख्यकों को शून्य पर पहुंचाना कतई जायज नहीं ठहराया जा सकता।

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