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केजीएमयू में जीनोम सिक्वेंसिंग आज से, १५ दिन में आएगा रिजल्ट
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कोरोना के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस की मौजूदगी का पता लगाने के लिए शनिवार से किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय में जीनोम सिक्वेंसिंग की शुरुआत हो जाएगी।
इसके लिए केजीएमयू ने नागपुर से आए व्यक्ति के सैंपल के साथ ही 150 नमूने लिए हैं। सिक्वेंसिंग के माध्यम से पहले मिले वायरस के साथ तुलना की जाएगी।
जिससे पता चलेगा कि वायरस में कितना बदलाव हुआ है। अभी तक केजीएमयू में सिर्फ स्पाइक जीन की सिक्वेंसिंग हुई थी। यह पहला मौका होगा जब पूरे वायरस की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी।
केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता जैन की देखरेख में जीनोम सिक्वेंसिंग की शुरुआत होगी।
ये भी पता चलेगा...
वायरस के बदले स्वरूप के विरुद्ध वैक्सीन कितनी कारगर
इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि वायरस के बदले स्वरूप के विरुद्ध वैक्सीन कितनी कारगर रहेगी। जीनोम सिक्वेंसिंग से यह जानकारी मिल सकेगी कि वायरस का बदलाव इतना ज्यादा तो नहीं है कि यह वैक्सीन को बेअसर कर देगा। अगर डेल्टा प्लस या फिर किसी ऐसे स्ट्रेन की जानकारी मिलती है तो फिर उसके लिए वैक्सीन बनाने में भी जीनोम सिक्वेंसिंग का उपयोग होगा।
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20 लाख कोरोना टेस्ट कर रिकॉर्ड बनाया
केजीएमयू ने देशभर में 20 लाख कोरोना टेस्ट करके रिकॉर्ड कायम किया है। स्वास्थ्य विभाग से जो सैंपल मिला है उसके साथ ही कई अन्य सैंपल को शामिल करके जीनोम सिक्वेंसिंग की शुरुआत शनिवार से होगी। इससे वायरस में होने वाले बदलाव के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू
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इसके लिए केजीएमयू ने नागपुर से आए व्यक्ति के सैंपल के साथ ही 150 नमूने लिए हैं। सिक्वेंसिंग के माध्यम से पहले मिले वायरस के साथ तुलना की जाएगी।
जिससे पता चलेगा कि वायरस में कितना बदलाव हुआ है। अभी तक केजीएमयू में सिर्फ स्पाइक जीन की सिक्वेंसिंग हुई थी। यह पहला मौका होगा जब पूरे वायरस की जीनोम सिक्वेंसिंग की जाएगी।
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केजीएमयू के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. अमिता जैन की देखरेख में जीनोम सिक्वेंसिंग की शुरुआत होगी।
ये भी पता चलेगा...
वायरस के बदले स्वरूप के विरुद्ध वैक्सीन कितनी कारगर
इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है कि वायरस के बदले स्वरूप के विरुद्ध वैक्सीन कितनी कारगर रहेगी। जीनोम सिक्वेंसिंग से यह जानकारी मिल सकेगी कि वायरस का बदलाव इतना ज्यादा तो नहीं है कि यह वैक्सीन को बेअसर कर देगा। अगर डेल्टा प्लस या फिर किसी ऐसे स्ट्रेन की जानकारी मिलती है तो फिर उसके लिए वैक्सीन बनाने में भी जीनोम सिक्वेंसिंग का उपयोग होगा।
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20 लाख कोरोना टेस्ट कर रिकॉर्ड बनाया
केजीएमयू ने देशभर में 20 लाख कोरोना टेस्ट करके रिकॉर्ड कायम किया है। स्वास्थ्य विभाग से जो सैंपल मिला है उसके साथ ही कई अन्य सैंपल को शामिल करके जीनोम सिक्वेंसिंग की शुरुआत शनिवार से होगी। इससे वायरस में होने वाले बदलाव के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
- डॉ. सुधीर सिंह, प्रवक्ता, केजीएमयू