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Lucknow News: पीढ़ियां बदलीं पर आस्था नहीं, रामलीला के मंच पर जेन-जी की धमक
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पंतनगर सांस्कृतिक समिति की रामलीला के लिए अभ्यास करते कलाकार।
अभिषेक सहज
लखनऊ। मोबाइल और डिजिटल दुनिया में पली-बढ़ी जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी अपनी विरासत को संजोना भी जानती है। रामलीला के मंच पर रामायण के पात्रों को ये बच्चे अपने अभिनय से जीवंत कर रहे हैं। खुर्रमनगर में पंतनगर सांस्कृतिक समिति की ओर से 15 से 20 अक्तूबर तक होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव में 16 साल से कम उम्र के बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता, भरत और शत्रुघ्न की भूमिका निभाएंगे। नई पीढ़ी की इस भागीदारी को धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष एवं पार्षद उमेश चंद्र सनवाल ने बताया कि हमारे यहां रामलीला के लिए कलाकारों को बाहर से नहीं बुलाया जाता। बच्चों को दो महीने पहले से संवाद और उच्चारण का अभ्यास कराया जाता है। इस दौरान वे रामायण के प्रसंगों को समझने के साथ मंच पर अभिनय भी सीखते हैं। समिति का उद्देश्य रामलीला को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर अगली पीढ़ी तक संस्कृति और परंपराओं को पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1988 में स्थापित समिति की शुरुआत संसाधनों की कमी के बीच हुई थी। तब लोग घरों से तिरपाल, कपड़े और तख्त लाकर मंच तैयार करते थे। 37 साल बाद आज समिति के पास अपना रामलीला मैदान और पक्का मंच है। इसकी एक और खासियत यह है कि 80 से 85 वर्ष की उम्र के संस्थापक सदस्य भी मंच पर अभिनय करते हैं। कहा, महोत्सव के अंतिम दिन राम के हाथों रावण वध के बाद खुर्रमनगर बाजार और इंद्रप्रस्थ नगर होते हुए शोभायात्रा निकाली जाएगी। रामलीला मैदान में राम के राज्याभिषेक के साथ महोत्सव का समापन होगा।
15 साल की मिष्टी जोशी निभाएंगी राम की भूमिका
कक्षा 10 की छात्रा 15 वर्षीय मिष्टी जोशी रामलीला के मंचन में श्रीराम की भूमिका निभाएंगी। वहीं कक्षा आठ के छात्र 12 साल के कार्तिक रौतेला लक्ष्मण, कक्षा 11 में पढ़ने वाली कोमल पांडेय (17) सीता बनी हैं। पार्थ उप्रेती (14) भरत और जय उप्रेती (13) शत्रुघ्न का किरदार निभा रहे हैं। इन बच्चों ने बताया कि इसकी प्रेरणा उन्हें अपने परिवार से ही मिली। कहा कि अपने अभिभावकों के साथ शुरू से ही रामलीला का मंचन देखते देखते मंच पर अभिनय करने की जिज्ञासा हुई और समिति के सहयोग से शुुरुआत हो गई। बच्चों ने कहा कि पीढ़ियां भले ही बदली हों लेकिन आस्था नहीं बदली।
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लखनऊ। मोबाइल और डिजिटल दुनिया में पली-बढ़ी जेन-जी और जेन-अल्फा पीढ़ी अपनी विरासत को संजोना भी जानती है। रामलीला के मंच पर रामायण के पात्रों को ये बच्चे अपने अभिनय से जीवंत कर रहे हैं। खुर्रमनगर में पंतनगर सांस्कृतिक समिति की ओर से 15 से 20 अक्तूबर तक होने वाले श्रीरामलीला महोत्सव में 16 साल से कम उम्र के बच्चे राम, लक्ष्मण, सीता, भरत और शत्रुघ्न की भूमिका निभाएंगे। नई पीढ़ी की इस भागीदारी को धार्मिक परंपराओं और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव की पहल के रूप में देखा जा रहा है।
समिति के अध्यक्ष एवं पार्षद उमेश चंद्र सनवाल ने बताया कि हमारे यहां रामलीला के लिए कलाकारों को बाहर से नहीं बुलाया जाता। बच्चों को दो महीने पहले से संवाद और उच्चारण का अभ्यास कराया जाता है। इस दौरान वे रामायण के प्रसंगों को समझने के साथ मंच पर अभिनय भी सीखते हैं। समिति का उद्देश्य रामलीला को केवल मनोरंजन तक सीमित न रखकर अगली पीढ़ी तक संस्कृति और परंपराओं को पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1988 में स्थापित समिति की शुरुआत संसाधनों की कमी के बीच हुई थी। तब लोग घरों से तिरपाल, कपड़े और तख्त लाकर मंच तैयार करते थे। 37 साल बाद आज समिति के पास अपना रामलीला मैदान और पक्का मंच है। इसकी एक और खासियत यह है कि 80 से 85 वर्ष की उम्र के संस्थापक सदस्य भी मंच पर अभिनय करते हैं। कहा, महोत्सव के अंतिम दिन राम के हाथों रावण वध के बाद खुर्रमनगर बाजार और इंद्रप्रस्थ नगर होते हुए शोभायात्रा निकाली जाएगी। रामलीला मैदान में राम के राज्याभिषेक के साथ महोत्सव का समापन होगा।
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15 साल की मिष्टी जोशी निभाएंगी राम की भूमिका
कक्षा 10 की छात्रा 15 वर्षीय मिष्टी जोशी रामलीला के मंचन में श्रीराम की भूमिका निभाएंगी। वहीं कक्षा आठ के छात्र 12 साल के कार्तिक रौतेला लक्ष्मण, कक्षा 11 में पढ़ने वाली कोमल पांडेय (17) सीता बनी हैं। पार्थ उप्रेती (14) भरत और जय उप्रेती (13) शत्रुघ्न का किरदार निभा रहे हैं। इन बच्चों ने बताया कि इसकी प्रेरणा उन्हें अपने परिवार से ही मिली। कहा कि अपने अभिभावकों के साथ शुरू से ही रामलीला का मंचन देखते देखते मंच पर अभिनय करने की जिज्ञासा हुई और समिति के सहयोग से शुुरुआत हो गई। बच्चों ने कहा कि पीढ़ियां भले ही बदली हों लेकिन आस्था नहीं बदली।

पंतनगर सांस्कृतिक समिति की रामलीला के लिए अभ्यास करते कलाकार।

पंतनगर सांस्कृतिक समिति की रामलीला के लिए अभ्यास करते कलाकार।
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