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Lucknow News: एनटीपीसी में सीवर के पानी से बिजली बनाने की तैयारी
Mon, 18 Dec 2023 12:19 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 18 Dec 2023 12:19 AM IST
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रायबरेली। सीवर के पानी से बिजली बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इसके लिए जल निगम और एनटीपीसी ऊंचाहार के अधिकारियों के बीच करार हो गया है। इसके तहत शहर के एसटीपी से करीब 40 किमी. लंबी पाइप लाइन बिछाकर शोधित पानी एनटीपीसी ऊंचाहार तक पहुंचाया जाएगा। इसके लिए एनटीपीसी से बजट मिलते ही पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू हो जाएगा।
केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की टैरिफ पॉलिसी-2016 में वेस्ट वाटर (गंदा पानी) को दोबारा इस्तेमाल में लाने के निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया कि गंदे पानी को शोधित करके उद्योगों में इस्तेमाल किया जाए। शासन के निर्देश पर जल निगम ने गत वर्ष सीवर के पानी को शोधित कर एनटीपीसी ऊंचाहार को सप्लाई करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था।
शहर के गोड़वा गदियानी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित पानी एनटीपीसी ऊंचाहार तक पहुंचाने के लिए जल निगम ने 40 किमी. लंबी पाइप लाइन बिछाने का खाका तैयार किया। इस पर 225 करोड़ रुपये का खर्च होने का प्रस्ताव बनाया। यह पैसा एनटीपीसी को उपलब्ध कराना है।
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इस प्रस्ताव पर जल निगम और एनटीपीसी के अधिकारियों के बीच पिछले दिनों सीवर के पानी से बिजली बनाने को लेकर सहमति बनी। अधिकारियों का मानना है कि हैंडपंप व नलकूप से निकलने वाले पानी का इस्तेमाल वाहन धोने, उद्योगों के साथ अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाता है। इससे पानी की बर्बादी होती है। सीवर के पानी को शोधित कर उसे उद्योग को उपलब्ध कराने से शुद्ध पानी की बचत हो सकेगी।
सई नदी में छोड़ा जा रहा 40 लाख लीटर पानी
शहर से निकलने वाले गंदे पानी को गोड़वा गदियानी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शोधित किया जाता है। एसटीपी की क्षमता 80 लाख लीटर की है। इस समय में प्रतिदिन 40 लाख लीटर गंदे पानी को शुद्ध किया जा रहा है। इस पानी को सई नदी में छोड़ा जा रहा है।
पूरी कर ली गईं तैयारियां
एनटीपीसी ऊंचाहार के अधिकारियों ने सीवर के पानी से बिजली बनाने को लेकर सहमति जताई है। एनटीपीसी की ओर से बजट मिलने पर पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
-देवेंद्र कुमार, एक्सईएन, जलनिगम
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केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय की टैरिफ पॉलिसी-2016 में वेस्ट वाटर (गंदा पानी) को दोबारा इस्तेमाल में लाने के निर्देश जारी किए थे। इसमें कहा गया कि गंदे पानी को शोधित करके उद्योगों में इस्तेमाल किया जाए। शासन के निर्देश पर जल निगम ने गत वर्ष सीवर के पानी को शोधित कर एनटीपीसी ऊंचाहार को सप्लाई करने के लिए प्रस्ताव तैयार किया था।
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शहर के गोड़वा गदियानी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से शोधित पानी एनटीपीसी ऊंचाहार तक पहुंचाने के लिए जल निगम ने 40 किमी. लंबी पाइप लाइन बिछाने का खाका तैयार किया। इस पर 225 करोड़ रुपये का खर्च होने का प्रस्ताव बनाया। यह पैसा एनटीपीसी को उपलब्ध कराना है।
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इस प्रस्ताव पर जल निगम और एनटीपीसी के अधिकारियों के बीच पिछले दिनों सीवर के पानी से बिजली बनाने को लेकर सहमति बनी। अधिकारियों का मानना है कि हैंडपंप व नलकूप से निकलने वाले पानी का इस्तेमाल वाहन धोने, उद्योगों के साथ अन्य कार्यों में प्रयोग किया जाता है। इससे पानी की बर्बादी होती है। सीवर के पानी को शोधित कर उसे उद्योग को उपलब्ध कराने से शुद्ध पानी की बचत हो सकेगी।
सई नदी में छोड़ा जा रहा 40 लाख लीटर पानी
शहर से निकलने वाले गंदे पानी को गोड़वा गदियानी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) में शोधित किया जाता है। एसटीपी की क्षमता 80 लाख लीटर की है। इस समय में प्रतिदिन 40 लाख लीटर गंदे पानी को शुद्ध किया जा रहा है। इस पानी को सई नदी में छोड़ा जा रहा है।
पूरी कर ली गईं तैयारियां
एनटीपीसी ऊंचाहार के अधिकारियों ने सीवर के पानी से बिजली बनाने को लेकर सहमति जताई है। एनटीपीसी की ओर से बजट मिलने पर पाइप लाइन बिछाने का कार्य शुरू कराया जाएगा। इसके लिए जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
-देवेंद्र कुमार, एक्सईएन, जलनिगम