प्रियंका ने यूपी सरकार से मांगी मजदूरों के लिए एक हजार बसें चलाने की अनुमति, बोलीं- कांग्रेस उठाएगी सारा खर्च
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर मजदूरों को उनके घरों तक सुरक्षित पहुंचाने के लिए एक हजार बसें चलाने की अनुमति मांगी है। कहा है कि इन बसों का पूरा खर्च कांग्रेस उठाएगी।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू और विधायक दल की नेता आराधना मिश्र मोना के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को मुख्यमंत्री कार्यालय जाकर मुख्यमंत्री के नाम प्रियंका गांधी का पत्र सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में पूर्व मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी व श्याम किशोर शुक्ला शामिल थे।
पत्र में प्रियंका ने लिखा है कि लाखों की संख्या में प्रदेश के मजदूर देश के कोने-कोने से पलायन कर वापस लौट रहे हैं। सरकार की लगातार घोषणाओं के बावजूद प्रवासी श्रमिकपैदल आ रहे है। उन्हें सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचने की कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। प्रदेश में अब तक करीब 65 मजदूरों की अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो चुकी है। यह संख्या प्रदेश में कोरोना महामारी से मरने वालों से अधिक है।
पलायन करते हुए बेसहारा प्रवासी श्रमिकों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए कांग्रेस 500 बसें गाजियाबाद के गाजीपुर बॉर्डर और 500 बसें नोएडा बॉर्डर से चलाना चाहती है। हम 1000 बसें चलाने की आपसे अनुमति चाहते हैं। राष्ट्र निर्माता मजदूरों को इस तरह नहीं छोड़ा जा सकता। कांग्रेस उनकी मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है।
आज यूपी सरकार को पत्र लिखकर कांग्रेस की तरफ से 1000 बसें चलाने की अनुमति मांगी है।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) May 16, 2020
रोज होती दुर्घटनाएं, असहनीय पीड़ा, अमानवीय हालात। हमारे कामगार भाई-बहन और उनके बच्चे संकट के दौर से गुजर रहे हैं।
मैंने सरकार से पहले भी अपील की है कि कृपया बसें चलाकर पैदल चल रहे.. 1/2 pic.twitter.com/Bw2EOIkgil
ट्वीट कर दी जानकारी
प्रियंका ने ट्वीट कर जानकारी दी कि आज यूपी सरकार को पत्र लिखकर कांग्रेस की तरफ से 1000 बसें चलाने की अनुमति मांगी है। रोज होती दुर्घटनाएं, असहनीय पीड़ा, अमानवीय हालात। हमारे कामगार भाई-बहन और उनके बच्चे संकट के दौर से गुजर रहे हैं।
ट्वीट में उन्होंने कहा कि मैंने सरकार से पहले भी अपील की है कि कृपया बसें चलाकर पैदल चल रहे मजदूरों को घर पहुंचाएं। केवल आज के ही दिन तीन भीषण दुर्घटनाएं घट चुकी हैं। ये मजदूरों को अकेले छोड़ देने का वक्त नहीं है। आशा है प्रदेश सरकार से सकारात्मक जवाब आएगा।
अखिलेश यादव ने की 10 हजार बस चलाने की मांग
पैदल घर पहुँचने के लिए वाहनों में विवश होकर चलने पर मजबूर व हादसों में अपनी जान गँवा रहे प्रवासी मज़दूरों को सम्मान और सुरक्षा के साथ घर पहुँचाने के लिए प्रदेश सरकार को 10 हज़ार सरकारी बसों को तत्काल चलाना चाहिए.
क्या ग़रीब का कोई हक़ नहीं होता? — Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) May 16, 2020
अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा कि पैदल घर पहुंचने के लिए वाहनों में विवश होकर चलने पर मजबूर व हादसों में अपनी जान गंवा रहे प्रवासी मजदूरों को सम्मान और सुरक्षा के साथ घर पहुंचाने के लिए प्रदेश सरकार को 10 हजार सरकारी बसों को तत्काल चलाना चाहिए। क्या गरीब का कोई हक नहीं होता?
औरैया में हुई सड़क दुर्घटना
यूपी के औरैया जिले में शनिवार सुबह भीषण सड़क हादसा हुआ। दिल्ली-कोलकाता हाईवे पर एक ढाबे के पास चाय पीने को रुकी मजदूरों से भरी डीसीएम में चूना लदे ट्रॉले ने टक्कर मार दी। हादसे में 24 लोगों की मौत हो गई। 22 लोगों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर हालत होने के कारण 15 लोगों को सैफई रेफर किया गया है।