69000 शिक्षक भर्ती में भारी गड़बड़ी: राहुल उपाध्याय और अर्चना तिवारी ओबीसी अभ्यर्थी के रूप में उर्त्तीर्ण
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बेसिक शिक्षा परिषद में 69000 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा में राहुल उपाध्याय का चयन ओबीसी अभ्यर्थी के रूप में हुआ है। पढ़ने या सुनने में यह जरूर अजीब लगेगा कि उपाध्याय उपनाम ओबीसी में कैसे हो सकता है। बात यहीं पर खत्म नहीं हुई है, आजमगढ़ की अर्चना तिवारी का चयन भी ओबीसी अभ्यर्थी के रूप में हुआ है। सामान्य के इन अभ्यर्थियों को ओबीसी बनाकर जारी की गई परीक्षा की अंक तालिकाएं सोशल मीडिया के जरिए बेसिक शिक्षा निदेशालय से लेकर शासन तक पहुंच गई है।
सहायक शिक्षक भर्ती परीक्षा में राहुल उपाध्याय पुत्र जय भगवान का रजिस्ट्रेशन नंबर 2800013972 और रोल नंबर 28281005716 था। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से 12 मई को घोषित परीक्षा परिणाम में राहुल उपाध्याय को 110 प्राप्तांक के साथ उत्तीर्ण घोषित किया गया। राहुल उपाध्याय की अंकतालिका जारी हुई तो उन्हें ओबीसी का अभ्यर्थी घोषित किया गया। राहुल को शिक्षक भर्ती में वरीयता सूची में 46620वां स्थान प्राप्त करने पर बदायूं जिला आवंटित किया गया है।
इसी तरह आजमगढ़ निवासी अर्चना तिवारी पुत्री जगदीश प्रसाद ने भी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा के लिए आवेदन किया था। उनका रजिस्ट्रेशन नंबर 4900098460 और रोल नंबर 49490804207 था। परीक्षा परिणाम में अर्चना को भी ओबीसी अभ्यर्थी के रूप में उत्तीर्ण घोषित किया गया है। अर्चना ने परीक्षा में 150 में से 114 अंक प्राप्त किए हैं। सहायक अध्यापक भर्ती में उन्हें गृह जिला आजमगढ़ आवंटित भी हो गया है।
इसी तरह का एक और मामला भी सामने आया है इसमें विजय कुमार गुप्ता पुत्र गणेश प्रसाद गुप्ता ने भी सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा दी थी। उनका रजिस्ट्रेशन नंबर 3500067193 और रोल नम्बर 35353517351 था। विजय कुमार गुप्ता ने अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थी के रूप में परीक्षा उत्तीर्ण की। परीक्षा में 90 अंक प्राप्त कर वे भर्ती के लिए पात्र हो गए। शिक्षक भर्ती की वरीयता सूची में 67833 स्थान प्राप्त किया। उन्हें गाजीपुर जिला आवंटित किया गया।
प्रमाण नहीं दिया तो चयन होगा निरस्त
परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कहा कि अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन पत्र में स्वयं को ओबीसी अभ्यर्थी ही अंकित किया है। अब काउंसलिंग इसलिए ही कराई जा रही है ताकि यह सत्यापित हो जाए कि अभ्यर्थियों ने परीक्षा के आवेदन पत्र में जो तथ्य प्रस्तुत किए हैं वह सत्य हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि इनका चयन ओबीसी अभ्यर्थी के रूप में हुआ है, यदि ओबीसी का प्रमाण पत्र नहीं हुआ तो उनका चयन निरस्त हो जाएगा। चतुर्वेदी ने कहा कि ऑनलाइन फार्म भरने पर एक घोषणा पत्र देना होता है कि जो भी अंकित किया गया है उसे चेक कर लिया है।
जातिवार आंकड़े पर साइबर सेल में शिकायत
बेसिक शिक्षा परिषद ने 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में सोशल मीडिया पर चयनित अभ्यर्थियों के जातिवार भ्रामक आंकड़े प्रसारित करने के मामले में यूपी पुलिस की लखनऊ स्थित साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। परिषद के उप सचिव अनिल कुमार ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर चयनित अभ्यर्थियों के जातिवार आंकड़े जारी कर अभ्यर्थियों को भ्रमित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि परिषद ने भर्ती का परिणाम जारी करने में आरक्षण की नियमावली का पूरी तरह पालन किया है। परिणाम एनआईसी द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर से जारी किया गया है। इसमें कहीं भी मानवीय हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।