जीएसटी का असर: नया गैस कनेक्शन 70 रुपये महंगा, एलईडी के भी दाम बढ़े
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जीएसटी लागू होने के बाद नया गैस कनेक्शन लेना 70 रुपये तक महंगा हो गया है। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि जीएसटी लागू होने के बाद हॉट प्लेट इंस्पेक्शन चार्ज व एडमिनिस्ट्रेटिव चार्ज सेवाकर के दायरे में आ गया है।
नया गैस कनेक्शन लेते समय एक जुलाई से पहले आवेदक को किसी भी तरह का सर्विस टैक्स नहीं चुकाना पड़ता था। तेल कंपनियों ने कहा है कि नए कनेक्शन पर बतौर जीएसटी 18 फीसदी की दर से 60 से 70 रुपये अतिरिक्त वसूला जाएगा।
वहीं, एलईडी बल्ब के भी दाम बढ़ गए हैं। नौ वाट का एलईडी बल्ब अब 60 के बजाय 70 रुपये में मिलेगा।
लेसा के मुख्य अभियंता आशुतोष कुमार ने बताया कि नौ जुलाई से केंद्रीय एजेंसी ने बिजली बचत के उपकरणों की कीमत बढ़ा दी है। अब उपभोक्ताओं को 40 वाट की ट्यूबलाइट 200 रुपये के बजाय 220 रुपये की मिलेगी।
इसी प्रकार जो पंखा 1150 रुपये का बिक रहा था, उसकी कीमत 1200 रुपये कर दी गई है। उन्होंने बताया कि इन उपकरणों की कीमत बढ़ने के सिलसिले में लेसा के सभी अधिशासी एवं उपखंड अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
डबल सिलेंडर लेने वालों को भी देना होगा ज्यादा
बगैर चूल्हा के सिंगल सिलेंडर कनेक्शन जहां पहले 1850 रुपये में दिया जाता था इसके लिए अब 60 से 70 रुपया तक अधिक चार्ज लगेगा। डबल सिलेंडर लेने वाले को भी बतौर जीएसटी 30 से 40 रुपये अतिरिक्त भुगतान करना पड़ेगा।
नया कनेक्शन लेने के साथ ही गैस ट्रांसफर कराने और घर पर चूल्हा चेक कराने के लिए भी अब पहले से ज्यादा खर्च करना पड़ेगा। जीएसटी में रसोई गैस कनेक्शन पर 18 प्रतिशत टैक्स लगाया गया है।
इसके चलते अब नीली बुक, नए कनेक्शन की कागजी कार्यवाही, चूल्हा, गैस चूल्हे के निरीक्षण के लिए ग्राहकों को गैस एजेंसियों को ज्यादा पैसा देना होगा। एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डीपी सिंह ने बताया कि गैस एजेंसियों ने बढ़ोतरी को लागू भी कर दिया है।
इस तरह आएगा अंतर (रुपये में)
काम--पहले--अब
कागजी कार्यवाही--75--88.50
इंस्टॉलेशन चार्ज--100--118
गैस कनेक्शन ट्रांसफर--100--118
घर पर गैस चूल्हा चेक कराना--300--354
नीली बुक--50--59