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पेट्रोल घटतौली के बाद अब गैस का नंबर, एसटीएफ के डर से कंपनियां कर रही छापेमारी

Mon, 08 May 2017 02:17 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ Updated Mon, 08 May 2017 02:17 PM IST
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gas companies raid at agencies due to fear of stf
डेमो

पेट्रोल, डीजल और फिर केरोसिन की बड़े पैमाने पर घटतौली पकड़े जाने के बाद अब गैस कंपनियां चौकन्नी हो गई हैं। एसटीएफ गैस एजेंसियों पर कार्रवाई का प्लान बना ही रही थी कि उन्होंने अपने स्तर से जांच शुरू कर दी।

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कंपनियां खुद छापेमारी कर रही हैं। शनिवार को कई गैस एजेंसियों पर छापे मारे गए। हालांकि अभी कहीं से घटतौली या गैस चोरी नहीं पकड़ी गई है लेकिन सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी चोरी बड़े पैमाने पर हो रही है।
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प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए कनेक्शन की वजह से गांवों में गैस सिलेंडरों की संख्या बढ़ गई है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सिलेंडर और गैस के वजन में उलझा कर इस तरह की चोरी को अंजाम दिया जा रहा है। 
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सूत्रों के अनुसार, गैस चोरी का खेल सिलेंडरों के गोदाम पर होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर सिलेंडर से ढाई सौ ग्राम से लेकर एक किलो तक की गैस चोरी कर ली जाती है।

कुछ गैस एजेंसी संचालक प्रति सिलेंडर 15 से 50 रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं। आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बाद सिलेंडरों में कम गैस की शिकायतें बढ़ी हैं।

जानें, अपने अ‌ध‌िकार

gas companies raid at agencies due to fear of stf
डेमो - फोटो : demo pic
सिलेंडर की डिलेवरी घर तक करने की जिम्मेदारी गैस एजेंसी की है। नियमत: गैस एजेंसी के हॉकर को ग्राहक को गैस तौल कर दिखानी चाहिए लेकिन अमूमन एजेंसी संचालक ऐसा नहीं करते।

सील टूटी होने का शक न हो इसके लिए हॉकर बड़ी चतुराई से लीकेज चेक कराने के नाम पर सील तोड़ देने का नाटक करते हैं। प्रति सिलेंडर 250 ग्राम से एक किलो की गैस चोरी से 100 सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाई करने वाली एजेंसी की कम से कम तीन-चार हजार रुपये की कमाई  हो जाती है।

जानें अपने अधिकार
- घरेलू सिलेंडर में 14.2 किलोग्राम गैस होती है। इसका वजन सिलेंडर पर लिखा होता है।
- ग्राहक हॉकर से सिलेंडर तौल कर दिखाने को कह सकता है।
-गैस कम होने पर सिलेंडर न लें।
- सिलेंडर की सील अगर टूटी है तो उसे वापस करने का अधिकार ग्राहक के पास है।

‘गैस उपलब्ध कराने वाली तेल कंपनी की जिम्मेदारी है कि वह ग्राहक को टोल फ्री नंबर जारी करे और समय- समय पर अपनी एजेंसी की जांच करती रहे। हमारा विभाग भी समय- समय पर गैस एजेंसी की जांच कराता है, लेकिन अभी पूरा फोकस पेट्रोल पंपों की शत प्रतिशत जांच पर है।’  -अजय चौहान आयुक्त, खाद्य एवं रसद विभाग, उत्तर प्रदेश
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