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चंपत राय ने दी जानकारी: बोले- मकर संक्रांति तक स्थापित हो सकता है राममंदिर का गर्भगृह
Sun, 10 Apr 2022 07:59 PM IST
ishwar ashish
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Sun, 10 Apr 2022 07:59 PM IST
सार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चंपत राय ने कहा कि 2014 से पूर्व सरकार ने एक शपथपत्र देकर राम को कल्पना बता दिया था। इस घटना के तीन-चार दिन बाद ही भारत सरकार को यह शपथपत्र वापस लेना पड़ा। आज अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो रहा है।
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गन्ना संस्थान में वेदांत भारत संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में चंपत राय और अन्य गणमान्य लोग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के सचिव चंपत राय ने कहा है कि अयोध्या में निर्माणाधीन राममंदिर का गर्भगृह मकर संक्रांति तक स्थापित होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि इस समय मंदिर की 21 फीट ऊंची कुर्सी बनाई जा रही है। चंपत राय डालीबाग स्थित गन्ना संस्थान में वेदांत भारत संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे।
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उन्होंने ‘श्रीराम की ऐतिहासिकता : वैज्ञानिक तथ्य’ पर चर्चा करते हुए बताया कि उनकी राम के प्रति अगाध आस्था का परिणाम है कि इंजीनियर न होते हुए भी आज लार्सन एंड टूर्बो व टाटा जैसी कंपनियों के इंजीनियर मंदिर निर्माण के फैसले लेने से पहले उनकी राय लेते हैं।
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उन्होंने बताया कि 2014 से पूर्व सरकार ने एक शपथपत्र देकर राम को कल्पना बता दिया था। इस घटना के तीन-चार दिन बाद ही भारत सरकार को यह शपथपत्र वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि आज बड़ी-बड़ी कंपनियों व आईआईटी के बड़े-बड़े इंजीनियर भारत की प्राचीन विरासत व इमारतों की बनावट को लेकर आश्चर्य में हैं।
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राम ने किसी के साथ नहीं किया भेदभाव
चंपत ने बताया कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम ने जंगल में भी स्वअनुशासन का पालन किया। आजकल भेदभाव खत्म करने के लिए कानून बनते हैं, लेकिन राम ने जटायु, नाविक, शबरी, हनुमान आदि में कोई भेदभाव नहीं किया। वहीं, राम के साथ उनके भाइयों ने भी राज्य के प्रति कोई मोह नहीं दिखाया, यही रामराज की आधारशिला बना।
इंस्टीट्यूट ऑफ साइंटिफिक रिसर्च ऑन वेद की पूर्व निदेशक व लेखिका सरोज बाला ने बताया कि रामायण को वैज्ञानिक तथ्यों के साथ प्रस्तुत करने व पढ़ने की आवश्यकता है। सह प्रांत प्रचारक मनोज ने बताया कि राम की ऐतिहासिकता को कोई नकार नहीं सकता है। रक्षा मंत्रालय के संयुक्त सचिव व अपर वित्तीय सलाहकार वेदवीर आर्या ने त्रेतायुग पर प्रकाश डाला।
इन्हें मिला पुरस्कार: राम पर आधारित ऑडियो-विजुअल व व्याख्यान प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को चंपत राय ने सम्मानित किया। इनमें अखिलेश वर्मा, आनंदित त्रिपाठी, अनिकेत शर्मा, उद्यांश पांडेय, शाएबा मसरूर आदि शामिल हैं।