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Lucknow News: पांच साल से ठप है कूड़ा निस्तारण प्लांट

Sun, 23 Apr 2023 10:28 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ Updated Sun, 23 Apr 2023 10:28 PM IST
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Garbage disposal plant is stalled for five years
रायबरेली। पांच साल बाद भी कूड़ा निस्तारण प्लांट चालू न होने से शहरवासियों को गंदगी की समस्या से दो चार होना पड़ रहा है। प्लांट को चालू कराने का वादा कई बार किया गया, लेकिन इसको लेकर ध्यान नहीं दिया गया। नतीजतन शहर के 34 वार्डों में न सिर्फ गंदगी पसरी रहती है, बल्कि कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। प्लांटू चालू न होने से कूड़ा का उठान नहीं हो पाता। इसी वजह से समस्या रहती है।
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शहर क्षेत्र में जैतूपुर में कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित कराया गया था। इसका मकसद था कि शहर के कूड़े का निस्तारण कराया जा सके। कुछ साल तो ठीकठाक रहा है, लेकिन पांच साल से यह कूड़ा निस्तारण प्लांट बंद है। मौजूदा समय में 50 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा कूड़ा डंप है। इससे आसपास के पीएसी, गजोधर का पुरवा, जगदीशपुर, किशन का पुरवा, तिलक नगर, जैतूपुर मोहल्ले के नागरिक परेशान हैं। दुर्गंध से सांस लेना मुश्किल है। बीच-बीच में कूड़े में आग लगने से पैदा होने वाले धुएं की वजह से लोग और परेशान हो जाते हैं। इसके अलावा अन्य शहर के वार्डों से कूड़ा का उठान भी नहीं हो पाता। बंद पड़े कूड़ा निस्तारण प्लांट को चालू कराने का वादा नेताओं ने किया, लेकिन चुनाव जीतने के बाद इस पर अमल नहीं किया गया। ऐसे में नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है।
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जैतूपुर स्थित प्लांट में डंप कूड़े का निस्तारण ट्रोमल मशीन के जरिए कराने का काम भी कराया गया, लेकिन इसमें भी खानापूर्ति बरती गई। शासन ने कूड़ा निस्तारण कराने की जिम्मेदारी जलनिगम की निर्माण इकाई सीएएनडीएस को दी थी। सीएनडीएस ने इस कार्य को कार्यदायी संस्था रिकॉर्ट इन्वोवेशन प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा था। कूड़ा निस्तारण का काम ट्रोमल मशीन के जरिए मई 2022 में शुरू कराया गया था, लेकिन कूड़े का निस्तारण नहीं हो पाया। ट्रोमल मशीन ऑटोमेटिक है, जिसके माध्यम से कूड़े को छांटा जाता है। इसमें शीशा, प्लास्टिक, गलनशील, कूड़ा आदि अलग-अलग किया जाना था। इसके बाद जैविक खाद तैयार करने का प्लान था।
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