{"_id":"6201837255a0e71d7d633a10","slug":"gangster-arrested-lucknow-news-lko616846691","type":"story","status":"publish","title_hn":"सरकारी नौकरी के नाम पर ठगने वाला गैंगस्टर दबोचा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सरकारी नौकरी के नाम पर ठगने वाला गैंगस्टर दबोचा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखनऊ। डाक विभाग, आर्मी, एसएसबी, एसबीआई, एफसीआई समेत अन्य सरकारी विभागों में नौकरी लगवाने का झांसा देकर बेरोजगारों को ठगने वाले शातिर बदमाश रीतेश श्रीवास्तव को रविवार देर रात गोमतीनगर पुलिस ने कुशीनगर से गिरफ्तार कर लिया। रीतेश पर गोमतीनगर पुलिस गैंगस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज कर चुकी है। उसकी गिरफ्तारी पर डीसीपी (पूर्वी) ने 10 हजार रुपये इनाम घोषित किया था। आरोपी को सोमवार को कोर्ट में पेश कर जेल भेजा गया है।
एडीसीपी (पूर्वी) सैयद मोहम्मद कासिम आब्दी ने बताया कि गोमतीनगर पुलिस ने रविवार देर रात दस हजार के इनामी अपराधी रीतेश श्रीवास्तव को कुशीनगर जिले के सेवरही कस्बा स्थित उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया है। एडीसीपी ने बताया कि तीन जुलाई 2021 को गुलशन निवासी बघौड़ा, थाना धनघटा, संतकबीरनगर ने गोमतीनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसे डाक विभाग में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर 1.45 लाख रुपये की ठगी की गई है। गुलशन ने मिथलेश राजभर, रीतेश श्रीवास्तव, विनोद व अमित को नामजद किया था। इस मामले में गोमतीनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया था। फरार चल रहे रीतेश की गिरफ्तारी पर डीसीपी (पूर्वी) ने 10 हजार रुपये इनाम घोषित किया था। एडीसीपी ने बताया कि रीतेश को सोमवार को जेल भेज दिया गया।
ऐसे लगाया चूना
पीड़ित गुलशन ने गोमतीनगर थाने में पूर्व में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसके गांव के ही अमित ने डाक विभाग में नौकरी दिलाने के लिए अपने साथी मिथलेश राजभर से लखनऊ में लोहिया पार्क के पास मुलाकात कराई थी। उसने 2.5 लाख रुपये में डाक विभाग में चपरासी की नौकरी दिलाने का वादा किया था। कहा था कि जीपीओ में तैनाती मिलेगी और 22,800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। फिर चार बार में आरोपियों को 1.45 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने सात जून 2021 को गुलशन को जीपीओ बुलाया और एक कागज पर हस्ताक्षर कराने के साथ ही अंगूठा लगवाया। फिर कुछ दिनों बाद व्हाट्सएप पर ज्वॉइनिंग लेटर भेज दिया। बाद में पता चला कि लेटर फर्जी है।
विज्ञापन
जीपीओ में काम भी कराया
लखनऊ। आरोपियों ने गुलशन को 2.5 लाख रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा दे दिया था। 1.45 लाख रुपये मिलने के बाद 17 जून 2021 को आरोपियों ने गुलशन को जीपीओ बुलाया। वहां दो लोग भीतर ले गए और डाक की छंटाई व बैग बांधने के काम में लगा दिया गया। भोर पांच बजे तक काम कराया गया। इस पर गुलशन को नौकरी मिलने का भरोसा हो गया। मगर अगले दिन ही आरोपियों ने एक लाख रुपये और देने पर ही ड्यूटी कराने की बात कही। गुलशन रकम नहीं दे पाया तो आरोपियों ने ड्यूटी पर नहीं भेजा। फिर धोखाधड़ी का पता चला तो गुलशन ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
एडीसीपी (पूर्वी) सैयद मोहम्मद कासिम आब्दी ने बताया कि गोमतीनगर पुलिस ने रविवार देर रात दस हजार के इनामी अपराधी रीतेश श्रीवास्तव को कुशीनगर जिले के सेवरही कस्बा स्थित उसके घर पर दबिश देकर गिरफ्तार किया है। एडीसीपी ने बताया कि तीन जुलाई 2021 को गुलशन निवासी बघौड़ा, थाना धनघटा, संतकबीरनगर ने गोमतीनगर थाने में धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसे डाक विभाग में चपरासी की नौकरी दिलाने के नाम पर 1.45 लाख रुपये की ठगी की गई है। गुलशन ने मिथलेश राजभर, रीतेश श्रीवास्तव, विनोद व अमित को नामजद किया था। इस मामले में गोमतीनगर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी केस दर्ज किया था। फरार चल रहे रीतेश की गिरफ्तारी पर डीसीपी (पूर्वी) ने 10 हजार रुपये इनाम घोषित किया था। एडीसीपी ने बताया कि रीतेश को सोमवार को जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन
ऐसे लगाया चूना
पीड़ित गुलशन ने गोमतीनगर थाने में पूर्व में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि उसके गांव के ही अमित ने डाक विभाग में नौकरी दिलाने के लिए अपने साथी मिथलेश राजभर से लखनऊ में लोहिया पार्क के पास मुलाकात कराई थी। उसने 2.5 लाख रुपये में डाक विभाग में चपरासी की नौकरी दिलाने का वादा किया था। कहा था कि जीपीओ में तैनाती मिलेगी और 22,800 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलेगा। फिर चार बार में आरोपियों को 1.45 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने सात जून 2021 को गुलशन को जीपीओ बुलाया और एक कागज पर हस्ताक्षर कराने के साथ ही अंगूठा लगवाया। फिर कुछ दिनों बाद व्हाट्सएप पर ज्वॉइनिंग लेटर भेज दिया। बाद में पता चला कि लेटर फर्जी है।
विज्ञापन
जीपीओ में काम भी कराया
लखनऊ। आरोपियों ने गुलशन को 2.5 लाख रुपये में नौकरी दिलाने का झांसा दे दिया था। 1.45 लाख रुपये मिलने के बाद 17 जून 2021 को आरोपियों ने गुलशन को जीपीओ बुलाया। वहां दो लोग भीतर ले गए और डाक की छंटाई व बैग बांधने के काम में लगा दिया गया। भोर पांच बजे तक काम कराया गया। इस पर गुलशन को नौकरी मिलने का भरोसा हो गया। मगर अगले दिन ही आरोपियों ने एक लाख रुपये और देने पर ही ड्यूटी कराने की बात कही। गुलशन रकम नहीं दे पाया तो आरोपियों ने ड्यूटी पर नहीं भेजा। फिर धोखाधड़ी का पता चला तो गुलशन ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।