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Lucknow News: गंगा उफनाई, 16 घाट डूबे, खेत जलमग्न
Thu, 18 Jul 2024 03:54 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Thu, 18 Jul 2024 03:54 AM IST
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डलमऊ तहसील क्षेत्र के संकट मोचन घाट पर गंगा का बढ़ता जलस्तर।
- फोटो : संवाद
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डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु से महज 35 सेमी दूर है। नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी से डलमऊ के 16 घाट डूब गए हैं। एक हजार बीघा खेत जलमग्न हो गए हैं। धान, उड़द, हरे चारे के अलावा सब्जियों की फसल डूब गई है। ऐसे में तटवर्तीय क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं।
गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर, जबकि खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक बुधवार को नदी का जलस्तर शाम पांच बजे तक 98.01 मीटर दर्ज किया है। ऐसे में चेतावनी बिंदु से गंगा 35 सेमी दूर हैं। नदी में उफान से मिट्टी की कटान तेज हो रही है। सड़क घाट, पक्का घाट, वीवीआईपी घाट, रानी शिवाला घाट समेत 16 घाट पूरी तरह से डूब गए हैं।
पानी घाट के किनारे बसे लोगों के मकानों की ओर बढ़ रहा है। इससे घाट के किनारे रहने वाले लोगोंं में हड़कंप है। कटरी क्षेत्र के चकमलिकभीटी, अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद समेत अन्य गांवों की एक हजार बीघे खेती जलमग्न हो गई है। इसमें से 100 बीघे हरा चारा, धान, उड़द, सब्जियों की फसल पानी में डूबने से किसानों को नुकसान उठाना पड़़ा है। किसान साजन यादव, दीपक, दिनेश वर्मा, राम विलास वर्मा का कहना है कि नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी से लोगों में दहशत है।
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एसडीएम डलमऊ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। खतरे का निशान बिंदु पार होने पर ही बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं है। लेखपालों को कटरी क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
पूरे भुल्ली गांव की ओर बढ़ रहा पानी
सरेनी (रायबरेली)। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पूरे भुल्ली गांव की ओर पानी आ गया है। पूरे लाल साहब के रास्ते के नाले से भी पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। गंगा जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तहसीलदार व क्षेत्रीय लेखपाल लगातार जलस्तर का निरीक्षण कर रहे हैं। बुधवार को तहसीलदार मंजुला मिश्रा ने गंगा के जलस्तर को देखा। कहा, बाढ़ जैसी कोई भी स्थिति नहीं है फिर भी सतर्कता बरती जा रही है। लेखपाल अमर बहादुर सिंह ने बताया कि तहसीलदार मंजुला मिश्रा के निर्देश पर कुटिया एहतमाली, सुकरू का पुरवा, पूरे पुरविहान आदि गांवों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।
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गंगा नदी का चेतावनी बिंदु 98.360 मीटर, जबकि खतरे का निशान बिंदु 99.360 मीटर है। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक बुधवार को नदी का जलस्तर शाम पांच बजे तक 98.01 मीटर दर्ज किया है। ऐसे में चेतावनी बिंदु से गंगा 35 सेमी दूर हैं। नदी में उफान से मिट्टी की कटान तेज हो रही है। सड़क घाट, पक्का घाट, वीवीआईपी घाट, रानी शिवाला घाट समेत 16 घाट पूरी तरह से डूब गए हैं।
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पानी घाट के किनारे बसे लोगों के मकानों की ओर बढ़ रहा है। इससे घाट के किनारे रहने वाले लोगोंं में हड़कंप है। कटरी क्षेत्र के चकमलिकभीटी, अंबहा, बबुरा, जमालनगर मोहिद्दीनपुर, जहांगीराबाद समेत अन्य गांवों की एक हजार बीघे खेती जलमग्न हो गई है। इसमें से 100 बीघे हरा चारा, धान, उड़द, सब्जियों की फसल पानी में डूबने से किसानों को नुकसान उठाना पड़़ा है। किसान साजन यादव, दीपक, दिनेश वर्मा, राम विलास वर्मा का कहना है कि नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी से लोगों में दहशत है।
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एसडीएम डलमऊ मनोज कुमार सिंह का कहना है कि नदी के जलस्तर पर नजर रखी जा रही है। खतरे का निशान बिंदु पार होने पर ही बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होती है। अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं है। लेखपालों को कटरी क्षेत्रों में तैनात किया गया है।
पूरे भुल्ली गांव की ओर बढ़ रहा पानी
सरेनी (रायबरेली)। गंगा का जलस्तर बढ़ने से पूरे भुल्ली गांव की ओर पानी आ गया है। पूरे लाल साहब के रास्ते के नाले से भी पानी गांव की ओर बढ़ रहा है। गंगा जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए तहसीलदार व क्षेत्रीय लेखपाल लगातार जलस्तर का निरीक्षण कर रहे हैं। बुधवार को तहसीलदार मंजुला मिश्रा ने गंगा के जलस्तर को देखा। कहा, बाढ़ जैसी कोई भी स्थिति नहीं है फिर भी सतर्कता बरती जा रही है। लेखपाल अमर बहादुर सिंह ने बताया कि तहसीलदार मंजुला मिश्रा के निर्देश पर कुटिया एहतमाली, सुकरू का पुरवा, पूरे पुरविहान आदि गांवों में लगातार निरीक्षण किया जा रहा है।